भोपालमध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता पर अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित, 60 दिन में देगी रिपोर्ट

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता पर अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित, 60 दिन में देगी रिपोर्ट

भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने राज्य में समान नागरिक संहिता के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का आदेश जारी किया है। यह समिति राज्य में लागू विभिन्न व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कानूनों का समग्र परीक्षण कर एक समान संतुलित और व्यवहारिक विधिक ढांचा तैयार करने के लिए अपनी अनुशंसाएं देगी। जारी आदेश के अनुसार वर्तमान में विवाह, तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक एवं लिव इन संबंधों से जुड़े मामलों का संचालन अलग अलग प्रावधानों के तहत किया जा रहा है। ऐसे में इन सभी पहलुओं का एकीकृत अध्ययन कर नागरिकों के बीच समानता न्याय और विधिक स्पष्टता सुनिश्चित करने की आवश्यकता महसूस की गई है।

समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रसाद देसाई करेंगी। वहीं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह कानूनविद अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह को सदस्य बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया समिति के सचिव होंगे। समिति को राज्य में प्रचलित सभी व्यक्तिगत और पारिवारिक विधियों का अध्ययन करने के साथ साथ उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में अपनाए गए मॉडल का भी परीक्षण करने का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा समिति सामाजिक, धार्मिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और आम नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित कर उनका विश्लेषण करेगी। समिति आवश्यकतानुसार जनसुनवाई और परामर्श बैठकों का आयोजन कर व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करेगी। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, समानता और संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विचार किया जाएगा। साथ ही लिव इन संबंधों के पंजीयन, विनियमन और उनसे जुड़े अधिकारों एवं दायित्वों पर भी सुझाव दिए जाएंगे। सरकार ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह सभी पहलुओं का परीक्षण कर 60 दिनों के भीतर प्रारूप विधेयक ड्राफ्ट बिल और विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करे ताकि भविष्य में विधिक जटिलताओं से बचा जा सके। समिति के कार्य संचालन और सेवा शर्तों से संबंधित अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button