मध्य प्रदेश

मप्र में भाजपा ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक , सीएम के लिए नए ओबीसी चेहरे की तलाश 

मप्र में भाजपा ने नए छात्र संघ के लिए पर्यवेक्षक, सीएम की नियुक्ति की

 

भोपाल,यशभारत। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बीजेपी में विचार-मंथन का दौर जारी है। पार्टी ने मुख्यमंत्री चयन के लिए आज तीन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। इनमें से एक हैं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भव्य, एकल मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. लक्ष्मण एवं पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आशा लकड़ा शामिल हैं। ऐसा माना जा रहा है कि डॉक्टर और डॉक्टर. के. लक्ष्मण से वन टू वन चर्चा कर सकते हैं। यही वजह है कि टॉप लीडरशिप ने नए चुने गए यूएसएसआर की सूची को खाली कर दिया है। पार्टी ने 10 दिसंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है। ऑब्जर्वर में प्रमुख दल के नेता यानी सीएम की घोषणा होगी।सूत्रों के मुताबिक, अलकमान एमपीआर में सीएम को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से बढ़त हो रही है। शिवराज सिंह चौहान के पद पर प्रह्लाद पटेल का नाम सबसे आगे है। बिल्कुल नया एकाकी फेसबुक पोस्ट पर भी विचार हो रहा है। अगर असिस्टेंस कार्ड नहीं आया तो ऐसे में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम सीएम के नाम सबसे आगे होगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश में भी डिप्टी सीएम का फॉर्मूला लागू किया जाएगा।

 

प्रह्लाद पटेल बोले- ‘शत्रु का इंतजार करो

नरसिंहपुर से चुने गए नेता प्रह्लाद पटेल ने शुक्रवार को भोपाल में कहा कि वे यहां नेता के तौर पर जरूरी कार्रवाई के लिए आए हैं। उन्होंने फेसबुक पर कहा कि इंतजार करना होगा। प्रह्लाद पटेल भी मुख्यमंत्री पद के आवेदकों में से एक हैं। विधानसभा से आने वाले प्रश्न पर बोले- कोई छोटा सदन नहीं होता। सदन, स्वामी होता है। संख्या और गुणवत्ता में अंतर है। अगर ईश्वर ने चौकीदारी का काम दिया है तो चौकीदारी ही करनी चाहिए। मुख्य मंत्री की घोषणा में हो रही देरी पर प्रह्लाद पटेल ने कहा- पांच राज्यों को लेकर फैसला हो रहा है, इसलिए समय लग रहा है। जब मैं निदेशक का प्रभारी था, तब भी समय लगा था। औपनिवेशिक चल रही है, इसलिए भी समय लग रहा है।

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