जबलपुर नेताजी सुभाषचंद्र मेडिकल अस्पताल की मर्चुरी में लाश रखने के 200 रूपए पुलिस कर्मी द्वारा पैसे देने पर ही रखा गया शव

जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाषचंद्र मेडिकल अस्पताल में लूट-खसूट खेल बंद नहीं हो रहा है। इलाज के नाम पर मरीज के परिजनों की जेब ढीली होना सुना था लेकिन यहां तो हद हो गई मुर्चरी में कुछ समय के लिए लाश रखने के 200 रूपए मांगे जा रहे हैं। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब लार्डगंज-अधारताल थाने में पदस्थ दो पुलिस कर्मी अपने परिचित का शव लेकर मेडिकल मुर्चरी पहुंचा था। मुर्चरी में काम कर रहे कर्मचारियों ने पुलिस कर्मी से 200 लेने के बाद ही शव कुछ देर के लिए पीएम रूम में रखा।

फ्रीजर में लाश रखने लगते हैं पैसे
बताया जा रहा है कि मर्चुरी तैनात में कर्मचारी फ्र ीजर में कुछ देर के लिए लाश रखने 200 रूपए सभी से लेते हैं। बीते दिनों लार्डगंज और अधारताल के दो पुलिस कर्मी एक शव का पीएम कराने मेडिकल अस्पताल की मर्चुरी पहुंचे थे जहां पर दोनों पुलिस कर्मियों से 200-200 रूपए लेने के बाद ही शवों को फ्रीजर में रखा गया।

सालों से लूट-खसूट चल रही है
अधारताल निवासी जय ठाकुर ने बताया कि परिचित की मौत हो जाने पर पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी पहुंचा था। यहां डॉक्टर आने में देरी थी इस वजह से कर्मचारियों ने शव को फ्रीजर में रखने के लिए 200 रूपए मांगे नहीं दिए तो आधा घंटे तक शव को बाहर ही रखा गया। कुछ देर बाद जब 200 रूपए दिए गए तो कर्मियों ने शव को फ्रीजर में रखा।

शराब की बोतल से भी चल जाता है काम
बताया जा रहा है कि जिनके पास मुर्चरी के फ्रीजर में शव रखाने के लिए 200 रूपए नहीं होते हैं तो वह पीएम करने वाले कर्मियों को दारू की बोतल लाकर देते है जिसके बाद कर्मी आसानी से फ्रीजर में शव को रख देते हैं।







