डीए और एरियर के आदेश के बाद भी कोषालयों में अटका भुगतान, पोर्टल की विंडो बंद

दीपावली से पहले कर्मचारियों को झटका: डीए और एरियर के आदेश के बाद भी कोषालयों में अटका भुगतान, पोर्टल की विंडो बंद
भोपाल,यशभारत। मध्य प्रदेश के साढ़े सात लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों के लिए दीपावली का उल्लास फीका पड़ता नजर आ रहा है। शासन के वित्त विभाग द्वारा 30 अक्टूबर को 2 प्रतिशत बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के आदेश जारी कर दिए गए हैं, लेकिन तकनीकी बाधाओं के चलते यह राहत कागजों से जमीन पर उतरती नहीं दिख रही है। आलम यह है कि आदेश जारी होने के चार दिन बाद भी कोषालयों में भुगतान के लिए देयक नहीं लग पा रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह एरियर पोर्टल पर भुगतान की विंडो का बंद होना है।
10 महीने के एरियर का लाभ, पर प्रक्रिया पर लगा ब्रेक
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने इस पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के आदेश के अनुसार जनवरी से सितंबर तक के 9 महीने के एरियर की पहली किस्त नवंबर में, दूसरी दिसंबर में और तीसरी जनवरी में दी जानी है। चूंकि 30 अक्टूबर को आदेश जारी होने से पहले सितंबर का वेतन मिल चुका था, इसलिए कर्मचारियों को नियमानुसार 10 महीने का एरियर मिलना चाहिए। लेकिन, आईएफएमआईएस पोर्टल की साइट और भुगतान विंडो बंद होने के कारण कोषालय स्तर पर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
कर्मचारी संघ की दो टूक: 6 नवंबर तक खुले विंडो
कर्मचारी संगठनों ने दो टूक मांग की है कि दीपावली के पावन पर्व से पहले कर्मचारियों के खातों में पहली किस्त की राशि हर हाल में पहुंचनी चाहिए। संघ ने वित्त विभाग से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश के सभी कोषालयों के लिए भुगतान हेतु आईएफएमआईएस की विंडो को तुरंत खुलवाने की मांग की है, ताकि समय रहते देयक प्रस्तुत हो सकें और कर्मचारी इस पर्व को खुशी के साथ मना सकें।
श्रेणीवार बढ़ेगा वेतन और एरियर का गणित
2% डीए बढ़ने से विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के मासिक वेतनमें यह वृद्धि होगी:
प्रथम श्रेणी: ₹2,462 से ₹3,000 प्रति माह
द्वितीय श्रेणी: ₹1,346 से ₹1,600 प्रति माह
तृतीय श्रेणी: ₹390 से ₹1,200 प्रति माह
चतुर्थ श्रेणी: ₹310 से ₹400 प्रति माह
वहीं, 10 महीने के कुल एरियर का लगभग एक-तिहाई हिस्सा पहली किस्त के रूप में मिलना है:
प्रथम श्रेणी: कुल ₹24,620 से ₹30,000
द्वितीय श्रेणी: कुल ₹13,460 से ₹16,000
तृतीय श्रेणी: कुल ₹3,900 से ₹12,000
चतुर्थ श्रेणी:कुल ₹3,100 से ₹4,000







