आठवें वेतन आयोग का एक वर्ष,उम्मीदों के सिर्फ 6 माह शेष
8 PAY COMMISSIONसुरक्षा संस्थानों को पुनः बुलावा

आठवें वेतन आयोग का एक वर्ष,उम्मीदों के सिर्फ 6 माह शेष
जबलपुर, यश भारत। केंद्र सरकार द्वारा गठित 8वें वेतन आयोग का एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो गया। अब उसके कार्यकाल के 6 माह ही शेष बचे हैं। अब तक उसके द्वारा लगभग सभी श्रमिक संगठनों एवं एसोसिएशन्स के प्रमुखों के साथ चर्चा हो चुकी है। दूसरे दौर में प्रमुख केंद्रीय संस्थानों, रेलवे व सुरक्षा-संस्थानों के प्रतिनिधियों से चर्चा जारी है। इन संगठनों ने जहां न्यूनतम वेतन 69 से 72 हजार रु. करने की मांग रखी है। वहीं अन्य सुविधाओं के लिये भी अलग-अलग सुझाव आये हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 25 को आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय आयोग का गठन किया गया। अन्य प्रमुख सदस्यों में प्रो. पुलक घोष और आईएएस पंकज जैन शामिल हैं। आयोग को अपनी सिफारिशें और अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने (मई-जून 2027 तक) का समय दिया गया है।
8 PAY COMMISSIONसुरक्षा संस्थानों को पुनः बुलावा
डिफेंस ऑल इंडिया एम्प्लॉइज फेडरेशन (ढष्ठश्वस्त्र) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. एन. पाठक ने बताया कि उनके संगठन ने न्यूनतम वेतनमान 69 हजार रु. करने की मांग रखी है। साथ ही रेलवे के समान सुविधाएं देने व प्रतिवर्ष इंक्रीमेंट को उत्त से बढ़ाने की मांग रखी है। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मारुति पवार ने बताया कि आयोग से न्यूनतम 72 हजार बेसिक की मांग रखी गई है। वहीं 18 नवम्बर को पुनः आयोग ने आमंत्रित किया है, जिसमें कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है। राष्ट्रीय सुरक्षा कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण दुबे ने
72 हजार रुपए व्यूनतम वेतन की मांग गूंजी
कहा कि जब तक वेतन आयोग लागू नहीं हो रहा है, तब तक अंतरिम राहत देने का प्रावधान है, जिसे सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए। इसी प्रकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामले में भी स्थिति स्पष्ट की जाये, वे बेहद संशय की स्थिति में हैं।
आगे क्या होगा?
आयोग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई दरें लागू होने तक निम्नलिखित 5 चरण पूरे होंगे। अंतिम रिपोर्ट (मई जून 2027) में जमा करना है। इसके बाद अगले चरण में केंद्रीय कैबिनेट/समीक्षा समिति द्वारा समीक्षा की जायेगी। तदोपरांत कैबिनेट द्वारा सिफारिशों पर स्वीकृति व संशोधन किये जायेंगे। अंतिम चरण में वित्त मंत्रालय द्वारा आधिकारिक राजपत्रित अधिसूचना जारी की जायेगी। फिर विभागों द्वारा नई सैलरी/पेंशन गणना एवं एरियर का भुगतान किया जाएगा। भले ही अंतिम रिपोर्ट और सरकारी मंजूरी 2027 तक पूरी हो, लेकिन नया वेतन ढांचा 1 जनवरी 26 की प्रभावी तिथि से लागू माना जाएगा।







