स्वामित्व योजना में सर्वर का ब्रेक, जिले में अब तक 5 प्रतिशत भी नहीं हो पाई रजिस्ट्री, 1 लाख 5 हजार 585 के मुकाबले साढ़े 4 हजार दस्तावेजों का पंजीयन

कटनी, यशभारत। स्वामित्व योजना के तहत जिले में अब तक केवल 4.24 प्रतिशत रजिस्ट्री हो सकी है। इसके पीछे मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वर की समस्या है। सर्वर नहीं होने की वजह से राजस्व अमले को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि कुछ क्षेत्रों में सुबह के समय सर्वर होने के कारण पटवारियों को सुबह 6 बजे गांवों में पहुंचकर रजिस्ट्री करना पड़ रही है। आकड़ों की बात करें तो जिले में एक लाख 5 हजार 585 रजिस्ट्री होना है। इसके तहत 1 लाख 35 हजार 733 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाना है लेकिन पहले पटवारियों की हड़ताल के चलते योजना में काम शुरू होने में विलम्ब हुआ तो अब सर्वर की समस्या के चलते योजना में काम की रफ्तार आगे नहीं बढ़ पा रही है। यही कारण है कि शुक्रवार तक केवल 4 हजार 475 रजिस्ट्रियां हो पाई है। कुल प्लॉट के मुकाबले यह 4.24 प्रतिशत है।
कटनी आगे, बहोरीबंद पीछे
तहसीलवार आंकड़ों की बात करें तो कटनी तहसील में सबसे अधिक 5.89 प्रतिशत काम हुआ है। यहां 8589 प्लॉट के मुकाबले 506 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं। बड़वारा में 9368 प्लॉट के मुकाबले 540, बरही में 6194 प्लॉट के मुकाबले 340, कटनी नगर में 7732 प्लॉट के मुकाबले 432, विजयराघवगढ़ में 16961 प्लॉट के मुकाबले 786, स्लीमनाबाद में 9964 प्लॉट के मुकाबले 466, रीठी में 12834 प्लॉट के मुकाबले 466 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं। सबसे कम प्रगति बहोरीबंद और ढीमरखेड़ा में है। बहोरीबंद में 16817 प्लॉट के मुकाबले 445 और ढीमरखेड़ा में 17126 प्लॉट के मुकाबले 494 रजिस्ट्रियां दर्ज हैं।
ग्रामीणों को मिल रहा जमीन का मालिकाना हक
ग्रामीणों को उनकी आबादी भूमि का कानूनी अधिकार दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वामित्व योजना शुरू की गई है। लेकिन इस काम में मैदानी अमले के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऑनलाइन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की है। बताया जा रहा है कि सर्वर रात और सुबह बेहतर काम करता है, जबकि दिन में तकनीकी समस्या के कारण काम नहीं हो पाता है। ऐसे में पटवारियों को सुबह जल्दी गांवों में पहुंचकर हितग्राहियों की जानकारी की जुटाने और रजिस्ट्री करना पड़ रहा है। भू-अभिलेख अधीक्षक मुन्नालाल तिवारी ने बताया कि सर्वर में तकनीकी खामियों के चलते दस्तावेजों का पंजीयन करने में अड़चन आ रही है। राजस्व अमला इस काम में पूरा करने में जुटा हुआ है। जिले में अब तक 5 प्रतिशत काम हो गया है।







