मैहर ने रचा इतिहास, 3430 विद्यार्थियों ने एक साथ किया कथक; एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
मैहर, यश भारत

मैहर ने रचा इतिहास, 3430 विद्यार्थियों ने एक साथ किया कथक; एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
मैहर, यश भारत। मध्य प्रदेश के मैहर ने सामूहिक कथक नृत्य के जरिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराकर नई उपलब्धि हासिल की है। मैहर के गौरव दिवस पर सोमवार को फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में 3430 छात्र-छात्राओं ने एक साथ कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने लगातार 9 मिनट 34 सेकंड तक नृत्य कर नया रिकॉर्ड बनाया। इस उपलब्धि के साथ मैहर ने सामूहिक कथक प्रस्तुति के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामूहिक कथक प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने एक साथ लय और ताल के साथ नृत्य कर भारतीय शास्त्रीय संस्कृति की सुंदर छटा प्रस्तुत की।
मैदान में एक साथ थिरकते हजारों विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों के समन्वय, अनुशासन और नृत्य कौशल को देखकर लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस आयोजन ने मैहर की सांस्कृतिक पहचान को एक नया आयाम दिया। शहरवासियों के लिए यह उपलब्धि गर्व और उत्साह का अवसर बनी।
कार्यक्रम के दौरान एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम भी फुटबॉल ग्राउंड में मौजूद रही। टीम ने निर्धारित मानकों के अनुसार सामूहिक कथक प्रस्तुति का निरीक्षण किया। इसके बाद रिकॉर्ड की पुष्टि करते हुए मंच से उपलब्धि की घोषणा की गई। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री राधा सिंह, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी की मौजूदगी में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र सौंपा गया।एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के निर्णायक अधिकारी बीके जैन के अनुसार, इससे पहले सामूहिक कथक नृत्य में 1400 विद्यार्थियों की प्रस्तुति का रिकॉर्ड दर्ज था। मैहर में 3430 छात्र-छात्राओं ने एक साथ नृत्य कर इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। विद्यार्थियों ने नौ मिनट से अधिक समय तक एकसाथ कथक प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा और सामूहिक समन्वय का परिचय दिया।







