फैकल्टी पर मामला दबाने और झूठा हलफनामा बनवाने का आरोप
LNCT में रैगिंग और मारपीट पर भड़का विवाद: फैकल्टी पर मामला दबाने और झूठा हलफनामा बनवाने का आरोप
भोपाल, यशभारत। राजधानी के बिलखिरिया थाना क्षेत्र स्थित LNCT (लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी) में रैगिंग और जूनियर छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला अब पुलिस के साथ-साथ कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बीई सिविल इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष के छात्र उदयवीर सिंह पर सीनियर छात्रों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे छात्र के सिर में 5 टांके आए हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में एफआईआर दर्ज होने के बाद कॉलेज फैकल्टी की संदिग्ध कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश गहराता जा रहा है।
क्लीनिक में बदइंतजामी, प्राइवेट अस्पताल में फैकल्टी ने रचा ड्रामा
पीड़ित छात्र उदयवीर का आरोप है कि घटना के बाद जब वह लूलूहान हालत में कॉलेज की एडमिशन शाखा और क्लीनिक पहुंचा, तो वहां प्राथमिक उपचार तक का कोई इंतजाम नहीं था। इसके बाद कॉलेज फैकल्टी उसे पास के एक निजी अस्पताल ले गई। आरोप है कि परिजनों को सूचना दिए बिना फैकल्टी ने डॉक्टरों से सांठगांठ की और मामले को दबाने के लिए डॉक्टर से कहा कि ‘लड़के को खेल-कूद (फुटबॉल) के दौरान चोट लगी है’। इतना ही नहीं, पीड़ित पर कॉलेज की तरफ से एक मनगढ़ंत आवेदन लिखने का दबाव भी बनाया गया।
बस के पीछे मुंह बांधकर छिपे थे सीनियर
घटना की शुरुआत 1 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे कैंटीन में चाय पीने के दौरान हुई, जब सीनियर छात्र कार्तिक ने “कॉलेज में नए आए हो, सही से बात किया करो” कहकर उदयवीर से अभद्रता और थप्पड़ मारा। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे जब पीड़ित क्लास से निकला, तो बस के पीछे मुंह पर कपड़ा बांधकर छिपे कई सीनियर्स ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। छात्र के दोस्तों (तनिष और शुभ) ने बीच-बचाव कर किसी तरह उसकी जान बचाई।
फरार आरोपियों की तलाश, CCTV खंगाल रही पुलिस
मामला बढ़ता देख परिजनों के साथ थाने पहुंचे पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। बिलखिरिया थाना प्रभारी नरेंद्र कुलस्ते के अनुसार, नामजद आरोपी कार्तिक और उसके साथी घटना के बाद से ही फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस कॉलेज के CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और यह भी जांच कर रही है कि क्या यह मामला सुनियोजित रैगिंग का हिस्सा था। LNCT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान परिसर में हुई इस हिंसक वारदात और प्रबंधन की लीपापोती ने छात्रों की सुरक्षा और एंटी-रैगिंग दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।







