राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सिविल अस्पताल में जनजागरूकता और नियमित रक्तदान का आह्वान

ठाणे। रक्त की एक बूंद किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की उम्मीद बन सकती है। सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में पिछले वर्ष 2,700 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया था। इसी पवित्र भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर ‘मानवता की एक बूंद, ‘रक्त दें’ जीवन बचाएं’ संदेश के साथ नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान किया गया और उपस्थित लोगों को नियमित रक्तदान की शपथ दिलाई गई।

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर ठाणे सिविल अस्पताल में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में जिला शल्य चिकित्सक डॉ. कैलास पवार, अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. धीरज महांगडे, डॉ. महेंद्र केंद्रे, डॉ. दुबे, ब्लड बैंक की टीम और नर्सिंग स्कूल की प्रभारी तथा छात्राएं उपस्थित थीं। डॉ. पवार ने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, कैंसर, बड़ी सर्जरी, एनीमिया से पीड़ित मरीजों के साथ ही गर्भवती महिलाओं की सर्जरी में भी रक्त की आवश्यकता होती है। संकलित रक्त से सेप्लेटलेट्स, प्लाज्मा और पैक्ड सेल्स जैसे विभिन्न रक्त घटक तैयार किए जाते हैं। इसलिए एक रक्तदान से तीन जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल सकता है।
डॉ पवार ने कहा कि रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि किसी का जीवन बचाने का अवसर है। रक्त का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए नागरिकों को भ्रांतियां दूर कर नियमित रूप से स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। प्रत्येक रक्तदाता किसी न किसी के जीवन में आशा की किरण बन सकता है।






