हेट स्पीच और मॉब लिंचिंग के खिलाफ उठी न्याय की आवाज , भीड़ की हिंसा नहीं, कानून का राज चाहिए , पीड़ित परिवारों को न्याय, सुरक्षा और सम्मान देने की मांग

हेट स्पीच और मॉब लिंचिंग के खिलाफ उठी न्याय की आवाज
भीड़ की हिंसा नहीं, कानून का राज चाहिए पीड़ित परिवारों को न्याय, सुरक्षा और सम्मान देने की मांग
भोपाल यश भारत। हेट स्पीच मॉब लिंचिंग अन्याय तथा जातिगत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ न्याय और इंसाफ की आवाज बुलंद की गई। इस दौरान सामाजिक सौहार्द और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न मांगें सामने रखी गईं। वक्ताओं ने कहा कि भीड़ की हिंसा के बजाय देश में कानून का राज कायम रहना चाहिए। हर नागरिक की जान को समान रूप से अनमोल बताते हुए कहा गया कि किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति हो उसकी जान की कीमत समान है। प्रमुख मांगों में मॉब लिंचिंग और अन्य हिंसक घटनाओं के पीड़ित परिवारों को न्याय सुरक्षा और सम्मान दिलाना तथा दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है। इसके साथ ही हेट स्पीच और सामाजिक भेदभाव के मामलों में भी कानून के अनुरूप कार्रवाई की मांग उठाई गई।
वक्ताओं ने संवैधानिक व्यवस्था के तहत प्रत्येक वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी दिए जाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय समानता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी वर्गों के अधिकारों का सम्मान जरूरी है।







