करंट हादसे की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कलेक्टर ने पांच दिन में मांगी रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज जुटाने के निर्देश

करंट हादसे की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित
कलेक्टर ने पांच दिन में मांगी रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज जुटाने के निर्देश
भोपाल, यश भारत। एमपी नगर स्थित डीबी मॉल के सामने स्ट्रीट लाइट के खंभे से करंट लगने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री एवं अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत के मामले में प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित करते हुए पांच दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर की ओर से 28 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार समिति में अपर कलेक्टर सुमित पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा विद्युत सुरक्षा के कार्यपालन यंत्री मोहम्मद जावेद और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता प्रदीप सिंह चौहान को शामिल किया गया है। समिति हादसे के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जांच करेगी।
खंभे में करंट आने के कारणों की होगी पड़ताल
जांच में स्ट्रीट लाइट के खंभे की स्थिति, विद्युत कनेक्शन अर्थिंग रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि खंभे का नियमित निरीक्षण और आवश्यक रखरखाव हुआ था या नहीं। हादसे के लिए संबंधित विभाग की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही के बिंदुओं की भी पड़ताल की जाएगी। बताया गया है कि डीबी मॉल के सामने लगा स्ट्रीट लाइट का खंभा नगर निगम भोपाल के अधीन है। नगर निगम आयुक्त के पत्र के बाद कलेक्टर ने जांच समिति गठित की है। पुलिस आयुक्त को भी निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए जाएं, ताकि दुर्घटना के समय की परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच की जा सके।
वकीलों ने हत्या का केस दर्ज करने की मांग की
मामले में जिला बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एमपी नगर थाने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने घटना को लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। जिला बार काउंसिल अध्यक्ष देवेंद्र रावत ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक अधिवक्ता मामले को उठाते रहेंगे। प्रशासनिक जांच के साथ पुलिस कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है। समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद हादसे के कारणों जिम्मेदारी और आगे की कानूनी व विभागीय कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर लगे स्ट्रीट लाइट और विद्युत खंभों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।






