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19 लाख से ज्यादा साल बोरर कीटों का किया गया विनष्टीकरण : तीन वन परिक्षेत्रों में मिला था प्रकोप, 1.46 लाख से अधिक साल के पेड़ चिह्नित

यशभारत डिंडोरी। डिंडौरी जिले के जंगलों में साल के पेड़ों के लिए खतरा बने साल बोरर कीटों के खिलाफ वन विभाग ने बड़े स्तर पर अभियान चलाते हुए 19 लाख से अधिक कीटों का विनष्टीकरण किया। विभाग द्वारा जिले में बनाए गए आठ संग्रहण केंद्रों पर एकत्रित किए गए कीटों को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में नष्ट किया गया।

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दरअसल, जिले के करंजिया, समनापुर सहित तीन वन परिक्षेत्रों में साल बोरर कीट का प्रकोप सामने आने के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे और कीट संग्रहण का अभियान शुरू किया था। साल बोरर कीट साल के पेड़ों के तने में छेद कर अंदर प्रवेश करते हैं और पेड़ को अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं। इसके चलते पेड़ धीरे-धीरे कमजोर होकर सूखने की स्थिति में पहुंच जाता है।

1 लाख 46 हजार से अधिक पेड़ चिह्नित

वन विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में 1 लाख 46 हजार 784 साल के पेड़ों को चिह्नित किया गया है। इन प्रभावित पेड़ों को काटने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि कीटों के प्रकोप को आगे फैलने से रोका जा सके।

 

साल बोरर के खिलाफ चलाए गए अभियान में स्थानीय ग्रामीणों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। वन विभाग ने ग्रामीणों को कीट संग्रहण के लिए प्रति कीट 2 रुपये के हिसाब से पारिश्रमिक दिया। विभाग के अनुसार इस अभियान के तहत ग्रामीणों को करीब 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।

ग्रामीणों ने अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साल बोरर कीट एकत्र कर वन विभाग के आठ संग्रहण केंद्रों में जमा किए थे। इन्हीं केंद्रों पर एकत्रित कीटों का अब अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विनष्टीकरण किया गया।

विभाग का दावा—प्रकोप में आई कमी

वन विभाग का दावा है कि अभियान के बाद साल के पेड़ों में साल बोरर कीट के प्रभाव में कमी आई है। विभाग प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और आवश्यक कार्रवाई जारी रखने की बात कह रहा है। हालांकि, जंगलों में साल के पेड़ों की बड़ी संख्या को देखते हुए कीट नियंत्रण और प्रभावित पेड़ों के प्रबंधन की प्रक्रिया आगे भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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