भोपालमध्यप्रदेश

यश भारत भोपाल ।

वर्ग 2 और वर्ग 3 अभ्यर्थियों के धरने पर शिक्षा मंत्री का जवाब

मंत्री बोले- लगातार अभ्यर्थियों से संवाद जारी, कानून में प्रावधान नहीं तो कैसे कर सकते हैं भर्ती

भोपाल यश भारत। वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी शिक्षकों के धरने और भर्ती की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि अभ्यर्थियों और शिक्षकों से लगातार संवाद किया जा रहा है। अधिकारियों के स्तर पर भी उनसे बातचीत जारी है  लेकिन जो प्रक्रिया कानून और नियमों के तहत संभव नहीं है  उसे पूरा नहीं किया जा सकता। मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा अपने पिता से कहे कि उसे एयरप्लेन चाहिए  तो एयरप्लेन घर नहीं आ सकता  उसके लिए टिकट लेकर यात्रा करनी होगी। इसी तरह भर्ती की प्रक्रिया में भी निर्धारित नियमों और समय सीमा का पालन करना होता है। उन्होंने कहा कि संबंधित भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

पुराने पदों पर तीन साल बाद भर्ती बढ़ाने का सवाल

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब नए अभ्यर्थी पुराने अभ्यर्थियों के साथ इंतजार कर रहे हैं कि नई भर्ती निकलेगी और वे उसमें शामिल होकर नौकरी हासिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में 2 हजार पदों के लिए विज्ञप्ति जारी हुई  भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई और वेटिंग लिस्ट भी बनी। ऐसे में तीन साल बाद उन्हीं पदों की संख्या को किस आधार पर बढ़ाया जा सकता है। मंत्री ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के प्रावधानों का भी हवाला दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो चीज नहीं हो सकती वह नहीं हो सकती। कानून में जिस चीज का प्रावधान नहीं है  उसे सरकार कैसे कर सकती है।

विपक्ष के समर्थन पर मंत्री का जवाब

वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी शिक्षकों के समर्थन में विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वरिष्ठ नेता हैं और वे उनका सम्मान करते हैं। मंत्री के मुताबिक बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा था कि सरकार सस्ते शिक्षकों को लगा रही है  इसलिए भर्ती नहीं करना चाहती। मंत्री ने कहा कि वे विनम्रता से यह कहना चाहते हैं कि पहले अतिथि शिक्षकों को बहुत कम मानदेय पर रखा जाता था जबकि आज अतिथि शिक्षकों को 15 से 20 हजार रुपये तक दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया जा रहा है।

भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थी पर भी बोले मंत्री

जब पत्रकार ने पिछले 12-13 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक अभ्यर्थी को लेकर सवाल किया तो मंत्री ने कहा कि अधिकारी लगातार उससे बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार संवाद के लिए तैयार है लेकिन कानून में जिस चीज का प्रावधान नहीं है उसे लागू करना संभव नहीं है।

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