हमीदिया से भागने की कोशिश में पकड़ा गया उम्रकैद का सजायाफ्ता कैदी मास्टरमाइंड सचेंद्र

हमीदिया से भागने की कोशिश में पकड़ा गया उम्रकैद का सजायाफ्ता कैदी मास्टरमाइंड सचेंद्र
भोपाल, यशभारत। राजधानी के हाई-टेक हमीदिया अस्पताल से तड़के 3 बजे एकघटना सामने आई, जहाँ नर्मदापुरम जेल से इलाज के बहाने लाया गया एक उम्रकैद का सजायाफ्ता कैदी सुरक्षा घेरा तोड़कर भागने में लगभग कामयाब हो गया था। हत्या और फिरौती के मामले में सजा काट रहे कैदी ने जेल से बाहर निकलने के लिए पहले पेट में लोहे का टिन का टुकड़ा निगलने का झूठा नाटक रचा और फिर अस्पताल पहुँचकर चौथी मंजिल के टॉयलेट की खिड़की से पाइपलाइन के सहारे नीचे उतर भागा। हालाँकि, अस्पताल परिसर में चले एक घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने उसे ग्राउंड फ्लोर पर ही पाइपलाइन के पास दबोच लिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सेंट्रल जेल नर्मदापुरम में बंद 30 वर्षीय कैदी सचेंद्र उर्फ सचिन राजपूत हत्या, फिरौती के लिए अपहरण, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश के गंभीर मामलों में आरोपी था। उसे 15 मई 2019 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 14 सितंबर को सचेंद्र ने जेल अधिकारियों से शिकायत की थी कि उसने टिन का टुकड़ा निगल लिया है। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल नर्मदापुरम ले जाया गया, लेकिन जांच में उसके पेट या शरीर में कोई भी अज्ञात वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद बेहतर जांच का हवाला देकर 15 सितंबर को उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहाँ उसे वार्ड में भर्ती कर पुलिस अभिरक्षा में रखा गया था।
शनिवार तड़के करीब 3 बजे सचेंद्र ने मौका ताड़ा और टॉयलेट जाने का बहाना बनाया। टॉयलेट के अंदर पहुँचकर उसने चौथी मंजिल की खिड़की से बाहर निकलकर ड्रेनेज पाइपलाइन पकड़ ली और तेजी से नीचे उतरने लगा। जैसे ही उसकी गैर मौजूदगी की भनक ड्यूटी पर तैनात गार्ड्स को लगी, अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और तुरंत पूरे परिसर की घेराबंदी कर तलाश शुरू कर दी गई। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे ग्राउंड फ्लोर पर पाइपलाइन के पास से ही फिर से दबोच लिया।
मामले में कोहेफिजा पुलिस ने कैदी के खिलाफ कस्टडी से भागने के प्रयास का नया प्रकरण दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि बेहद खतरनाक और उम्रकैद की सजा काट रहे अपराधी की निगरानी में कहाँ चूक हुई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वह सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद टॉयलेट तक कैसे पहुँचा और क्या उसने अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ही भागने के इस रास्ते की पहले से रेकी कर रखी थी। फिलहाल कैदी को दोबारा कड़ी पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है।







