
जबलपुर, यश भारत। महाकोशल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सभागार में जबलपुर की हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें जबलपुर से पुणे, चेन्नई और अहमदाबाद के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने के साथ बिहार, झारखंड और ओडिशा के प्रमुख शहरों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग उठाई गई। चेंबर के मानसेवी मंत्री अखिल मिश्र ने कहा कि जबलपुर में आधुनिक तकनीकी मापदंडों के अनुरूप बड़ा टर्मिनल बनाया गया है। रनवे की लंबाई इंदौर से कुछ इंच कम है और प्रदेश में यह दूसरा बड़ा रनवे है। इसके बावजूद शहर को सीमित हवाई सेवाएं मिल रही हैं।

उन्होंने कहा कि जबलपुर में पांच प्रमुख सुरक्षा संस्थानों के साथ मध्य कमान का सेना मुख्यालय भी है। सीमित हवाई कनेक्टिविटी के कारण इन संस्थानों के अधिकारियों सहित अन्य यात्रियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। परिचर्चा में भेड़ाघाट, पचमढ़ी, खजुराहो, कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे पर्यटन स्थलों के लिए जबलपुर को हवाई केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई गई। बेहतर उड़ान सेवाओं से देश-विदेश के पर्यटकों को इन क्षेत्रों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की बात कही गई।
जबलपुर उच्च न्यायालय, विद्युत मुख्यालय और विश्वविद्यालयों के कारण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। नर्मदा अंचल की आध्यात्मिक पहचान को देखते हुए श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए भी हवाई सेवा को आवश्यक बताया गया।उपस्थित लोगों ने कहा कि महाकोशल के आर्थिक विकास के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार जरूरी है। यदि एयरलाइन कंपनियों और जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मांग पर उचित निर्णय नहीं लिया तो शहरवासी अपने हक के लिए सभी स्तरों पर आवाज उठाएंगे। परिचर्चा का संचालन अखिल मिश्र और आभार युवराज जैन गढ़ावाल ने व्यक्त किया।







