
नई दिल्ली, एजेंसी। फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स ने अपनी लंबी दूरी तक सैन्य अभियान संचालित करने की क्षमता प्रदर्शित करने के लिए ‘पेगास 26’ मिशन शुरू किया है। इसके तहत चार राफेल लड़ाकू विमान 40 दिनों में करीब 40 हजार किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। यह अभियान 8 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलेगा। मिशन के दौरान फ्रांसीसी विमान आर्कटिक क्षेत्र से होते हुए इंडो-पैसिफिक और मध्य पूर्व तक जाएंगे।
इस अभियान में चार राफेल लड़ाकू विमानों के साथ करीब 300 सैन्यकर्मी शामिल हैं। इनके अलावा तीन ए330 एमआरटीटी फीनिक्स टैंकर-ट्रांसपोर्ट विमान और दो ए400एम एटलस एयरलिफ्टर भी मिशन का हिस्सा हैं। ‘पेगास’ श्रृंखला का यह सातवां संस्करण है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। मिशन का उद्देश्य फ्रांस की सैन्य क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों में अभियान संचालित करने और सहयोगी देशों के साथ समन्वय की क्षमता को परखना है। इस दौरान फ्रांसीसी विमानों को आर्कटिक सहित अलग-अलग भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों में लंबी दूरी की उड़ान भरनी होगी।
ग्रीनलैंड की ओर बढ़ने के बाद विमान कनाडा और अलास्का जाएंगे। इसके बाद उनका मार्ग जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया और भारत की ओर होगा। इस दौरान हवा में ईंधन भरने, लंबी दूरी की उड़ान और विभिन्न स्थानों पर सैन्य लॉजिस्टिक्स की व्यवस्थाओं को भी परखा जाएगा।फ्रांस के अनुसार, मिशन से परिचालन तैयारियों को मजबूत करने, रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत हवाई मार्गों की स्वतंत्रता के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने में मदद मिलेगी। राफेल विमानों की यह तैनाती फ्रांस की वैश्विक स्तर पर सैन्य पहुंच और साझेदार देशों के साथ सहयोग की क्षमता का भी परीक्षण करेगी।







