तीन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, 13 हजार करोड़ से अधिक होंगे खर्च – उज्जैन, सिंगरौली और चंदेरी की परियोजनाओं से हजारों किसानों को मिलेगा लाभ

तीन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, 13 हजार करोड़ से अधिक होंगे खर्च
– उज्जैन, सिंगरौली और चंदेरी की परियोजनाओं से हजारों किसानों को मिलेगा लाभ
भोपाल, यश भारत । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में उज्जैन, सिंगरौली और चंदेरी की तीन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं पर 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।
चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन की चिंतावत वृहद सिंचाई परियोजना, सिंगरौली की गौण वृहद सिंचाई परियोजना और चंदेरी की माइक्रो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
विभिन्न योजनाओं के लिए 42,490 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 42 हजार 490 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसमें समग्र शिक्षा विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1066 करोड़ रुपये और उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
तीन नए जिलों में खुलेंगे जिला खनिज कार्यालय
कैबिनेट ने नवगठित मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा जिलों में जिला खनिज कार्यालय स्थापित करने के लिए नए पदों की स्वीकृति भी दी है। इससे इन जिलों में खनिज संबंधी प्रशासनिक कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
साख सीमा विपणन के ब्याज पर भी फैसला
बैठक में साख सीमा विपणन वर्ष 2024-25 से संबंधित ब्याज को ब्याजमुक्त करने का फैसला भी लिया गया। सरकार के इस निर्णय से संबंधित हितग्राहियों को राहत मिलने की उम्मीद है।







