कान्हा के बफर जोन में सांभर का शिकार: तीन आरोपी दबोचे गए, मांस और अवशेष जब्त

मंडला।कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सिझोरा परिक्षेत्र के बीट कटंगी अंतर्गत ग्राम कटंगटोला में सांभर का शिकार करने के मामले में वन अमले ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सांभर का मांस एवं अन्य अवयव भी जब्त किए गए हैं। कार्रवाई के बाद आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल मंडला भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पोला पर्व के दौरान वन्यजीव अपराधों की आशंका को देखते हुए कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा बफर क्षेत्र में विशेष निगरानी अभियान संचालित किया जा रहा था। क्षेत्र संचालक एवं उपसंचालक के निर्देश पर वन अमले को सतर्क रहने, गश्त बढ़ाने तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए थे। इसी दौरान वन विभाग को ग्राम कटंगटोला में सांभर के शिकार की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम कटंगटोला में दबिश दी। जांच और तलाशी के दौरान गांव निवासी रामफल पिता इमरत, संतू पिता सुखधन तथा चैनसिंह पिता बैशाखू को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से सांभर का मांस एवं अन्य अवशेष बरामद किए गए, जिसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई।
वन अधिकारियों ने बताया कि सांभर भारत के महत्वपूर्ण वन्यजीवों में शामिल है और कान्हा का जंगल जैव विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में किसी भी वन्यजीव का अवैध शिकार न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी गंभीर खतरा है। विभाग द्वारा संरक्षित वन्यजीवों के शिकार, तस्करी और अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की ‘शून्य-सहिष्णुता’ (जीरो टॉलरेंस) नीति लागू है। बफर एवं कोर क्षेत्र में नियमित गश्त, आधुनिक निगरानी तंत्र और मुखबिर नेटवर्क के माध्यम से वन अपराधों पर नियंत्रण के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि वन्यजीवों के शिकार या उनसे जुड़े किसी भी अवैध कार्य में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के अनुसार हाल के वर्षों में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ी है, फिर भी कुछ असामाजिक तत्व अवैध शिकार जैसी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी सिझोरा अभिषेक दुबे, परिक्षेत्र सहायक मगधा दुर्गेश मरावी, परिक्षेत्र सहायक मांझीपुर राज कुमार कुलस्ते, बीट प्रभारी कटंगी अभय परिहार सहित अन्य वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पूरी टीम की तत्परता और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।







