तारों की छांव में चमकेगा मध्यप्रदेश, 6 गांव बनेंगे एस्ट्रो विलेज – धार से उमरिया तक तैयार हो रहे खगोलीय पर्यटन केंद्र, आधुनिक टेलिस्कोप से होगी तारों और ग्रहों की सैर

तारों की छांव में चमकेगा मध्यप्रदेश, 6 गांव बनेंगे एस्ट्रो विलेज
– धार से उमरिया तक तैयार हो रहे खगोलीय पर्यटन केंद्र, आधुनिक टेलिस्कोप से होगी तारों और ग्रहों की सैर

भोपाल, यश भारत । मध्यप्रदेश अब अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ रात के आसमान में चमकते सितारों के लिए भी देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने की तैयारी में है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने प्रदेश के छह गांवों को ‘एस्ट्रो विलेज’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। मई 2026 से शुरू हुई इस परियोजना का उद्देश्य प्रकाश प्रदूषण से दूर प्राकृतिक रूप से अंधकारमय क्षेत्रों में एस्ट्रो-टूरिज्म को बढ़ावा देना है।
परियोजना के पहले चरण में धार, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया जिले से एक-एक गांव का चयन किया गया है। यहां पर्यटकों को खुले और स्वच्छ रात के आकाश में तारों, ग्रहों, आकाशगंगा तथा अन्य खगोलीय घटनाओं को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
इन छह गांवों में आकार ले रही परियोजना
एस्ट्रो विलेज के लिए धार का ज्ञानपुरा, छिंदवाड़ा का धुसावानी, बैतूल का बांचा, नर्मदापुरम का ढ़ाबा, दमोह का रिछकुड़ी और उमरिया का रंछा गांव चुना गया है। इन गांवों में आवश्यक सुविधाओं और पर्यटन अधोसंरचना को विकसित करने का काम शुरू हो चुका है।
टेलिस्कोप से होगी तारों की सैर
पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए गांवों में आधुनिक टेलिस्कोप, दूरबीन और एस्ट्रो-फोटोग्राफी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही स्टार गेजिंग प्लेटफॉर्म, ऑब्जर्वेशन एरिया और इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किए जाएंगे। इंटरप्रिटेशन सेंटर में पर्यटकों को तारों, ग्रहों और विभिन्न खगोलीय घटनाओं के बारे में रोचक एवं वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
परियोजना में पर्यटन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। चयनित गांवों के स्थानीय युवाओं को 90 दिन का विशेष प्रशिक्षण देकर एस्ट्रो गाइड तैयार किए जाएंगे। ये युवा पर्यटकों को रात के आकाश, तारामंडलों और खगोलीय घटनाओं की जानकारी देंगे। इससे गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय समुदाय को मिलेगा।

पर्यटन और विज्ञान का संगम
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि एस्ट्रो विलेज पर्यटन, विज्ञान और प्रकृति का अनूठा संगम है। प्रकाश प्रदूषण से दूर इन क्षेत्रों में पर्यटक स्वच्छ रात्रि आकाश का अनुभव कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद पर्यटक जल्द ही एस्ट्रो विलेज पर्यटन का आनंद उठा सकेंगे।
पर्यटन बोर्ड का मानना है कि एस्ट्रो विलेज परियोजना मध्यप्रदेश को भारत के प्रमुख एस्ट्रो-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश में एक नए तरह के पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।







