अखाड़ा में नजर आएगी वर्दी के पीछे छिपे इंसान की कहानी, पूर्व पुलिस अधिकारी सलीम खान की जीवनी का हुआ लोकार्पण

अखाड़ा में नजर आएगी वर्दी के पीछे छिपे इंसान की कहानी, पूर्व पुलिस अधिकारी सलीम खान की जीवनी का हुआ लोकार्पण
भोपाल, यश भारत। कुछ जिंदगी सिर्फ गुजरती नहीं, अपने पीछे ऐसी कहानी छोड़ जाती हैं जो आने वाली पीढिय़ोंं को रास्ता दिखाती हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सलीम खान के पुलिस सेवा के अनुभवों, संघर्षों, अपराध से मुकाबले और न्याय के लिए किए गए प्रयासों को समेटती जीवनी अखाड़ा का रविवार को भोपाल में लोकार्पण हुआ। चिरायु ऑडिटोरियम, चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बैरागढ़ में आयोजित समारोह में पुलिस, प्रशासन, साहित्य, पत्रकारिता और फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं।
पुस्तक के लेखक सिब्तैन शहीदी हैं। उन्होंने सलीम खान के जीवन को केवल एक पुलिस अधिकारी की उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि वर्दी के पीछे के उस इंसान को सामने लाने का प्रयास किया है, जो कठिन फैसलों, नैतिक दुविधाओं, जोखिम और व्यक्तिगत संघर्षों से गुजरता रहा।
बेटी के विचार से शुरू हुई किताब की कहानी
‘अखाड़ा’ के पीछे सलीम खान की बेटी शनिल खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अपने पिता की जीवन यात्रा को पुस्तक के रूप में दर्ज करने का विचार सामने रखा। उनका मानना था कि यह केवल परिवार की कहानी नहीं, बल्कि उन युवाओं और पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा है जो सेवा, कर्तव्य और सिद्धांतों के बीच अपना रास्ता तलाशते हैं।
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अनुराधा शंकर ने सलीम खान के साथ काम करने के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सलीम खान में उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ संवेदनशील और सिद्धांतों पर कायम रहने वाला इंसान दिखाई दिया। उन्होंने लेखक सिब्तैन शहीदी को इस जीवन यात्रा को पुस्तक का रूप देने के लिए प्रेरित किया।
रूमी जाफरी बोले- असली जिंदगी की कहानी सबसे ज्यादा असर करती है
लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध पटकथा लेखक और फिल्म निर्देशक रूमी जाफरी रहे। उन्होंने कहा कि वास्तविक जीवन के संघर्ष किसी भी काल्पनिक कहानी से कहीं अधिक प्रभावशाली होते हैं। ‘अखाड़ा’ में भी एक ऐसे जीवन की कहानी है, जिसने अपराध और चुनौतियों के बीच न्याय और सिद्धांतों का रास्ता चुना।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल, पूर्व पुलिस महानिदेशक सुरेंद्र सिंह और सुधीर सक्सेना, रिटायर्ड स्पेशल डीजी सरबजीत सिंह, आईजी इरशाद अली, डीआईजी राजेश चंदेल, एसटीएफ एसपी राजेश भदौरिया, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एमपी प्रजापति और एआईजी राजेश मिश्रा सहित कई हस्तियां मौजूद रहीं। सलीम खान के करीबी मित्र डॉ. गोयंका की उपस्थिति ने आयोजन को आत्मीय बना दिया।







