सावन सोमवार पर महादेव की भक्ति में झूमे भक्त : स्फटिक शिवलिंग के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु…. देखें पूरा वीडियो

सिवनी यश भारत:-भगवान शिव को समर्पित पवित्र श्रावण मास का दूसरा सोमवार आज 10 अगस्त को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। सावन सोमवार के अवसर पर जिलेभर के शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी की गई हैं। वहीं, गुरु धाम दिघोरी में स्थापित विशाल प्राकृतिक स्फटिक शिवलिंग श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
गुरु धाम दिघोरी में विराजमान स्फटिक शिवलिंग को एशिया के सबसे बड़े प्राकृतिक स्फटिक शिवलिंग के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त है। श्रद्धालुओं के लिए यह शिवलिंग विशेष आस्था का केंद्र है। जानकारी के अनुसार इसे कश्मीर से लाया गया था और फरवरी 2002 में द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा इसकी स्थापना की गई थी। प्राकृतिक क्रिस्टल से निर्मित यह शिवलिंग अपनी विशालता, पारदर्शिता और विशिष्ट स्वरूप के कारण धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
स्फटिक यानी प्राकृतिक क्वार्ट्ज क्रिस्टल को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्फटिक में सकारात्मक ऊर्जा और माता लक्ष्मी का वास माना जाता है। मान्यता है कि स्फटिक शिवलिंग के पूजन और अभिषेक से सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है। सावन में इसके दर्शन और पूजन के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु गुरु धाम पहुंचते हैं।
शास्त्रीय परंपरा के अनुसार सावन सोमवार को भगवान शिव का जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक कर बेलपत्र, शमीपत्र, धतूरा, पुष्प आदि अर्पित किए जाते हैं। श्रद्धालु दिनभर व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं।
सावन में कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व है। श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लेकर पैदल शिवालयों तक पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। जिले में विभिन्न स्थानों से कांवड़ यात्राओं की तैयारियां जारी हैं। जीवनदायिनी मां वैनगंगा के उद्गम स्थल मुंडारा से अगले सप्ताह प्रस्तावित कांवड़ यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह है।







