भोपालमध्य प्रदेश

प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पात्रता नियमों को लेकर बवाल, अभ्यर्थी आज DPI के सामने धरना जारी अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया के बीच नियम बदलने का लगाया आरोप, तीन दिन प्रदर्शन कर स्कूल शिक्षा विभाग से मांगा स्पष्टीकरण

प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पात्रता नियमों को लेकर बवाल, अभ्यर्थी आज DPI के सामने धरना जारी

अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया के बीच नियम बदलने का लगाया आरोप, तीन दिन प्रदर्शन कर स्कूल शिक्षा विभाग से मांगा स्पष्टीकरण

भोपाल, यश भारत। प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पात्रता नियमों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि आवेदन के समय उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल होने की पात्रता दी गई थी और इसी आधार पर उन्होंने परीक्षा देकर मेरिट में स्थान बनाया। अब दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति की प्रक्रिया के दौरान पात्रता की नई शर्त लागू किए जाने से कई अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। विरोध में अभ्यर्थी आज से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DPI) के सामने धरना प्रदर्शन  , अभ्यर्थियों का दावा है कि भर्ती की प्रारंभिक नियमावली में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। इसी प्रावधान के आधार पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और मेरिट में स्थान हासिल किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि बाद में 17 जुलाई को जारी आदेश के माध्यम से पात्रता की नई शर्त सामने रखी गई जिसमें अंकसूची या उपाधि 25 अगस्त 2025 से पहले प्राप्त होना अनिवार्य बताया गया है। भर्ती के बीच नियम बदलने का आरोप , प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को पात्र नहीं माना जाना था तो आवेदन के समय उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति क्यों दी गई। उनका आरोप है कि परीक्षा में शामिल कराने परिणाम जारी करने और मेरिट में चयन के बाद अब नियुक्ति के समय अलग नियम बताया जा रहा है। इससे उन अभ्यर्थियों में नाराजगी है जिन्होंने शिक्षक भर्ती की तैयारी में वर्षों मेहनत की है   अभ्यर्थियों ने स्कूल शिक्षा विभाग से प्रारंभिक भर्ती नियमों के आधार पर ही पात्रता निर्धारित करने और अंतिम वर्ष के चयनित अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों की व्याख्या को लेकर कर्मचारी चयन मंडल और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच असमंजस की स्थिति का खामियाजा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए। दोहरे नियम का आरोप, शिथिलता की मांग , अभ्यर्थियों ने भर्ती नियमावली में दोहरे मापदंड अपनाए जाने का आरोप लगाते हुए पात्रता में शिथिलता देने की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा के समय पात्रता स्वीकार की गई चयन के बाद भी उन्हें मेरिट में स्थान दिया गया लेकिन नियुक्ति के समय रूल बुक का हवाला देकर पात्रता पर सवाल उठाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि बार बार परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के बाद भी यदि नियुक्ति नहीं मिलती है तो युवाओं के बीच निराशा बढ़ेगी। विद्यार्थियों के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से अपील की है कि विद्यार्थियों के लिए न्याय का दरवाजा खोलें

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