बढ़ती निष्क्रिय जीवनशैली बन रही हृदय रोग और स्ट्रोक का बड़ा खतरा लंबे समय तक बैठे रहना और व्यायाम की कमी बढ़ा सकती है जोखिम, बीएमएचआरसी में विशेषज्ञों ने किया जागरूक

बढ़ती निष्क्रिय जीवनशैली बन रही हृदय रोग और स्ट्रोक का बड़ा खतरा
लंबे समय तक बैठे रहना और व्यायाम की कमी बढ़ा सकती है जोखिम, बीएमएचआरसी में विशेषज्ञों ने किया जागरूक
भोपाल, यश भारत। बदलती जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहना नियमित व्यायाम न करना और अस्वस्थ दिनचर्या स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इन खतरों को लेकर लोगों को सचेत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने की। उन्होंने कहा कि हृदय रोग और स्ट्रोक गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं लेकिन नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली से इनके जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने लोगों को लंबे समय तक बैठे रहने से बचने और हर आधे घंटे में शरीर को सक्रिय करने की सलाह दी। फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. असलम जमाली ने कहा कि शारीरिक निष्क्रियता स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने सप्ताह में पांच दिन करीब 30 मिनट व्यायाम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ज्यादा चलें सक्रिय रहें और कम बैठें इसे दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।न्यूरोमेडिसिन के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रचित राज सक्सेना ने बताया कि स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी मरीज की स्थिति को गंभीर बना सकती है। ऐसे में लक्षण नजर आते ही मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। डॉ. सौरभ गुप्ता और डॉ. नेहल शाह ने स्ट्रोक के बाद पुनर्वास और न्यूरोप्लास्टिसिटी की भूमिका पर जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जागरूकता नाटक प्रस्तुत किया और चिकित्सकों का सम्मान किया गया।







