स्कूलों में केवल पढ़ाई नहीं, सोचने की क्षमता भी विकसित हो— कलेक्टर
अधिकारियों से कहा— निरीक्षण के साथ खुद भी पढ़ाएं

स्कूलों में केवल पढ़ाई नहीं, सोचने की क्षमता भी विकसित हो— कलेक्टर
डाइट में प्रशिक्षण के दौरान जनशिक्षकों को दिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मंत्र, अधिकारियों से कहा— निरीक्षण के साथ खुद भी पढ़ाएं


कटनी, यशभारत। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने पर जोर देते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि बच्चों में प्रश्न पूछने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशासनिक कार्यों में कम और विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर अधिक ध्यान दें।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में आयोजित जनशिक्षक दक्षता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनशिक्षकों एवं डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं से संवाद करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो, ताकि शिक्षकों का अधिकतम समय बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने में लगे। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और विश्लेषण क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
कलेक्टर ने जनशिक्षकों और निरीक्षण अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय भ्रमण के दौरान केवल व्यवस्थाओं का निरीक्षण न करें, बल्कि कम से कम एक कालखंड स्वयं भी पढ़ाएं। इससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का वास्तविक आकलन होगा और शिक्षकों को बेहतर शिक्षण पद्धतियों का मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने डाइट प्रशासन से नवाचार करने वाले शिक्षकों की पहचान कर उन्हें जिला एवं राज्य स्तर पर प्रोत्साहित करने तथा प्रभावी शिक्षण सामग्री के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया।
दिव्यांग बच्चों से घुटनों के बल बैठकर किया संवाद
डाइट परिसर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पूर्व प्राथमिक प्रशिक्षण कक्ष, पुस्तकालय एवं सीडब्ल्यूएसएन संसाधन कक्ष का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में घुटनों के बल बैठकर दिव्यांग बच्चों से आत्मीय बातचीत की और उनकी शिक्षा एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों के लिए उपलब्ध कहानी पुस्तकों का भी अवलोकन किया। इसके बाद ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अशोक का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट योगदान के लिए गिरीश मौर्य, पुष्पराज पटेल एवं हेमंत सामल को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सच्चिदानंद पांडे, डाइट प्राचार्य एम.पी. डुंगडुंग, जिला परियोजना समन्वयक प्रेमनारायण तिवारी, प्रशिक्षण प्रभारी राजेन्द्र असाटी, डाइट के फैकल्टी सदस्य तथा बड़ी संख्या में जनशिक्षक एवं डी.एल.एड. प्रशिक्षु उपस्थित रहे।






