महर्षि महेश योगी ने अमेरिका में ओशो को जेल से छुड़ाने में की थी मदद, खबर सुन हतप्रभ हुई संस्कारधानी
आध्यात्मिक गुरुओं का जबलपुर से गहरा नाता

जबलपुर, यश भारत। रविवार को ‘यश भारत’ में अमेरिका में कानूनी संकट के दौरान महर्षि महेश योगी द्वारा आचार्य रजनीश (ओशो) को जेल से छुड़ाने और जुर्माने की रकम भरने में मदद की खबर प्रकाशित होने के बाद से ही पूरे शहर में हलचल मच गई है। इस खबर के सामने आते ही संस्कारधानी जबलपुर के प्रबुद्ध वर्ग और आम नागरिकों में भारी कौतूहल फैल गया और इस विषय को लेकर गहन चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
वैचारिक रूप से दो विपरीत ध्रुवों पर खड़े इन दोनों आध्यात्मिक गुरुओं का जबलपुर से गहरा नाता रहा है। ऐसे में जब श्री श्री रविशंकर जी के माध्यम से इस अनसुने प्रसंग की जानकारी सार्वजनिक हुई, तो हर कोई हतप्रभ रह गया। जबलपुर की माटी ने विश्व को दो ऐसी महान विभूतियाँ दीं जिन्होंने जीवन जीने के बिल्कुल अलग-अलग सिद्धांत प्रतिपादित किए। ओशो ने जहाँ अपने क्रांतिकारी विचारों से वैश्विक चेतना को नया मार्ग दिखाया, वहीं महर्षि महेश योगी ने ‘भावातीत ध्यान’ के जरिए पूरी दुनिया में शांति का संदेश दिया। दोनों ही गुरुओं ने देश-विदेश में जबलपुर का नाम रोशन किया, लेकिन एक-दूसरे की नीतियों की आलोचना के बीच महर्षि जी द्वारा ओशो की गुप्त रूप से की गई इस बड़ी मदद ने सभी को चौंका दिया है।
रविवार को प्रकाशित ‘यश भारत’ की इस रिपोर्ट के बाद से ही शहर के चौराहों से लेकर सोशल मीडिया तक यह खबर मुख्य आकर्षण बनी हुई है। बुद्धिजीवियों का मानना है कि विपरीत विचारों के बावजूद संकट के समय दिखाई गई यह सहृदयता जबलपुर के उच्च संस्कारों और उदार तासीर का अप्रतिम उदाहरण है।







