मध्य प्रदेशराज्य

गंभीर शिकायतों और भ्रष्टाचार के आरोप : जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी

यशभारत डिंडोरी । कलेक्टर कार्यालय द्वारा जिला जेल के कार्यों में गंभीर लापरवाही, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में उदासीनता तथा अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने के संबंध में जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

दिनांक 31 अगस्त 2026 को आयोजित समय-सीमा बैठक में जेल अधीक्षक बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए, जिसके कारण जेल विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा नहीं की जा सकी। उन्हें पूर्व में भी प्रत्येक समय-सीमा बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद उनके द्वारा स्वयं बैठक में उपस्थित न होकर अधीनस्थ कर्मचारी को भेजा जाता रहा तथा संबंधित कर्मचारी भी समय पर बैठक में उपस्थित नहीं होते थे। बार-बार स्मरण कराने के बाद ही उनकी उपस्थिति दर्ज कराई जाती थी।

विगत माह सीएम हेल्पलाइन में जेल से संबंधित दो गंभीर शिकायतें प्राप्त हुईं। आवेदिका गायत्री बनवासी, निवासी ग्राम पोस्ट सिमरिया, तहसील एवं जिला डिंडौरी द्वारा शिकायत क्रमांक 39774316 दर्ज कराई गई, जिसमें कार्यवाहक प्रमुख प्रहरी श्री जयलाल कोल पर सब्जी एवं दवाई मंगाकर राशि नहीं देने तथा प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए। शिकायत के संबंध में आवेदिका द्वारा बाद में लिखित कथन दिया गया कि श्री कोल द्वारा दिनांक 18 अगस्त 2026 को उन्हें 13 हजार रुपये नगद वापस किए गए।

इसी प्रकार आवेदक घनश्याम साहू, निवासी ग्राम बरगांव, तहसील शहपुरा, जिला डिंडौरी द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 39243155 दर्ज कराई गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि राशि नहीं देने के कारण जेल में भोजन ठीक से नहीं दिया जा रहा है। इन गंभीर शिकायतों के आधार पर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली, अधीनस्थ कर्मचारियों के पर्यवेक्षण तथा कैदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठे हैं।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि उक्त परिस्थितियां यह दर्शाती हैं कि जेल अधीक्षक द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण एवं उनके कार्यों का सतत पर्यवेक्षण नहीं किया जा रहा है। साथ ही जेल मैन्युअल के अनुरूप कैदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया है, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है।

जेल अधीक्षक को कारण बताने के लिए निर्देशित किया गया है कि उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न प्रस्तावित की जाए। उन्हें नोटिस प्राप्ति के 07 दिवस के भीतर अपना उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही समय-सीमा बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के संबंध में 03 सितंबर 2026 तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि में उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

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