एक्शन : एसआईटी ने सीएसपी कार्यालय का ताला तोड़ा, महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त

कटनी, यशभारत। जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग मामले में घिरीं निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत से खारिज होते ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पूरी तरह आक्रामक मोड में आ गई है। रविवार को एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में 8 सदस्यीय एसआईटी टीम कटनी स्थित सीज पड़े सीएसपी कार्यालय पहुंची और मुख्य दरवाजे का ताला खोलकर गहन तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान टीम ने कार्यालय से महत्वपूर्ण फाइलें, केस डायरियां, बीएनएसएस (BNSS) रजिस्टर और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। अदालत से राहत न मिलने, एफआईआर दर्ज हुए 12 दिन से ज्यादा समय बीत जाने और पुलिस प्रशासन द्वारा 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने के बाद एसआईटी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सीएसपी कार्यालय में खंगाले गए रिकॉर्ड
कोर्ट से अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद एसआईटी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत सीएसपी कार्यालय की सील खोली और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स व तकनीकी टीम के साथ दफ्तर में प्रवेश किया। टीम ने विवादित जमीन सौदे से संबंधित फाइलें, थाना कुठला से जुड़ी पुरानी केस डायरियां, पत्राचार रजिस्टर और कार्यालय के कंप्यूटर हार्ड ड्राइव व पेन ड्राइव को सीज कर अपने कब्जे में ले लिया। डिजिटल डिवाइसों को फॉरेंसिक लेबोरेटरी भेजा जा रहा है, ताकि डिलीट किए गए डेटा और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को रिकवर किया जा सके।
अब हाईकोर्ट ही एकमात्र सहारा, गिरफ्तारी की तलवार लटकी
शनिवार (29 अगस्त) को कटनी के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश (Court No. 17) की अदालत में लगातार दो दिनों तक चली मैराथन सुनवाई और करीब 5 घंटे तक टकराए तर्कों के बाद सीएसपी नेहा पच्चीसिया और मुख्य फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी गई थी। निचली अदालत से झटका लगने के बाद अब आरोपियों के पास मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर जाने का ही एकमात्र कानूनी सहारा बचा है। हालांकि, जब तक हाईकोर्ट से कोई अंतरिम राहत नहीं मिलती, तब तक एसआईटी और साइबर सेल के पास आरोपियों को गिरफ्तार करने का पूरा कानूनी अधिकार है। मामले में नामजद तीनों नामजद आरोपी एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही लगातार फरार चल रहे हैं। 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित होने और सीएसपी दफ्तर से साक्ष्य मिलने के बाद एसआईटी की अलग-अलग टीमें साइबर सर्विलांस और तकनीकी लोकेशन के आधार पर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि विवेचना तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।








