बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है, बहनों ने बांधी राखी, भाईयों ने दिए उपहार, उमंग और उत्साह के बीच मनाया जा रहा रक्षाबंधन

कटनी, यशभारत। सुबह से जारी रिमझिम बारिश के बाद भाई और बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार आज अपार उत्साह, उमंग एवं हर्ष उल्लास के बीच मनाया जा रहा है। शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों की कलाई में रक्षासूत (राखी) बांधकर जन्म-जन्म तक सुख-दुख में साथ निभाने एवं जीवन भर रक्षा का वचन भाईयों से लिया। भाईयों ने भी बहनों को उपहार देकर जीवन भर साथ निभाने और रक्षा का वचन दिया। इस दौरान मुंह मीठा करने का दौर भी जारी रहा। घर के बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया गया। दोपहर में अधिकांश बहनों ने भाई की कलाई पर राखी सजाई और उपहार पाकर अपनों के साथ खुशियां मनाई। सुबह से शुरू हुआ रक्षाबंधन का त्यौहार शाम तक चलता रहा। रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा उत्साह बच्चों में देखा गया। खास बात यह रही कि इस साल राखी पर भद्रा नहीं है। यानी आज पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व उत्साह के बीच मनाया जाएगा। आज सुबह से ही बहनों ने भाइयों को राखी बांधने की तैयारी शुरू कर दी थी। बहनों ने अपनी-अपनी राखियां सजाई, मिठाइयां तैयार कीं और भाइयों के आने का इंतजार किया। जब भाइयों ने बहनों की कलाई पर राखी बंधवाई, तब उन्होंने बहनों को जीवनभर रक्षा का वचन दिया। भाई-बहन के इस प्यार भरे पल में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा और भाइयों ने बहनों को आशीर्वाद और उपहार दिए।
बाजारों में देर रात तक होती रही खरीददारी
रक्षाबंधन से एक दिन पहले गुरूवार को शहर के मुख्य बाजार स्टेशन रोड, सुभाष चौक, झंडा बाजार, गोल बाजार और अस्पताल रोड पर जबरदस्त भीड़ उमड़ी। गली मोहल्लों से लेकर मुख्य सडक़ों तक हर जगह फुटपाथ दुकाने और गुमटियों पर खरीदारी का तांता लग रहा। मुख्य बाजारों में पैर रखने की भी जगह नहीं थी। लोग अपने वाहनों को दूर पार्क कर पैदल ही खरीदकरी करते दिखे। इस दौरान बारिश भी हुई।
स्टेशन पर भीड़, ट्रेनों में चढऩे के लिए धक्का-मुक्की
रक्षाबंधन पर्व के चलते रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। भोपाल, जबलपुर, सतना, शहडोल, सागर की ओर जाने ट्रेनों में खासी भीड़ नजर आई। इस कारण ट्रेनों में चढऩे के लिए धक्का-मुक्की भी हुई। ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बच्चों को हुई। स्लीपर कोच की स्थिति ऐसी थी कि स्लीपर को भी जनरल डिब्बों की तरह लग रहे थे। कई लोगों ने अपने बच्चों को आपातकालीन खिड़कियों से कोच के अंदर पहुंचाया। जबलपुर रीवा शटल आने से पहले ही स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। शटल के आते ही लोग बेकाबू होकर एक-दूसरे को धकेलते हुए आगे बढऩे लगे। अन्य टे्रनों का भी भी यही हाल रहा।
कजलियां कल, गाटरघाट में मेले का आयोजन
रक्षाबंधन के दूसरे दिन कल शनिवार को आपसी भाईचारे का प्रतीक कजलियां का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी परंपरानुसार आजाद चौक गाटरघाट में कजलिया मेले का आयोजन किया गया है। जानकारी के मुताबिक गाटरघाट में इस बार दो दिनों तक कजलिया का मेला भरेगा। इसकी शुरूआत कल 29 अगस्त की शाम श्रीराम मंदिर में महाआरती के साथ होगी। इसके उपरांत मेले का विधिवत शुभारंभ होगा और कलाकारों की मौजूदगी में गीत-संगीत की महफिल सजेगी। आयोजन समिति ने शहर के लोगों से कजलिया मेले में पहुंचकर सफल बनाने का आग्रह किया है। इसी तरह लल्लू भैया की तलैया में इस बार मेले का आयोजन नहीं किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक बारिश की वजह से आयोजन स्थल पर कीचड़ और फिसलन की वजह से लोग किसी घटना का शिकार न हो, इस वजह से कजलिया मेले का आयोजन निरस्त किया गया है।







