रजिस्ट्री की रजिस्टर्ड कॉपी के लिए अब नहीं करना पड़ेगा इंतजार, 1960 से 2015 तक के रिकार्ड का किया जा रहा डिजिटाईजेशन, संपदा 2.0 पोर्टल पर आसानी से मिलेगी रजिस्ट्री की कॉपी

कटनी, यशभारत। रजिस्ट्री की रजिस्टर्ड कॉपी के लिए अब लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। संपदा 2.0 पर कुछ ही समय में रजिस्ट्री की रजिस्टर्ड कॉपी ऑनलाइन मिलने लगेगी, इसके लिए प्रदेश के सभी जिला पंजीयक कार्यालयों में 1960 से 2015 तक के रिकार्ड का डिजिटाईजेशन किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक जिला पंजीयक कार्यालय में वर्ष 2015 से पहले ऑफलाइन हुई पुरानी रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड को पिछले एक साल से स्कैन कर अपलोड किया जा रहा है। इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य सरकार ने 1 अप्रैल रखा है। इसके बाद संपदा 2.0 पोर्टल पर लोगों को निर्धारित प्रक्रिया कर रजिस्ट्री उपलब्ध कराई जा सकेंगी। लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें आवश्यकता पडऩे पर रजिस्ट्री की रजिस्टर्ड कॉपी ऑनलाइन जल्दी मिल जाएगी, इससे लोगों की समय की बचत होगी। वर्ष 2015 से रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई थी। समस्या वर्ष 2015 से पहले हुई रजिस्ट्रियों की नकल निकालने में हो रही थी, जसके चलते पुरानी रजिस्ट्रियों को भी संपदा 2.0 पर अपलोड कर लोगों की मुश्किले कम की जा रही है।
अभी लंबी प्रक्रिया में लगता है समय
अप्रैल 2015 से पहले हुई रजिस्ट्री की रजिस्टर्ड कॉपी लेने के आवेदक को रजिस्ट्री धारक का नाम, रजिस्ट्री क्रमांक सहित दर्ज करते हुए उप पंजीयक के नाम आवेदन करना पड़ता है। इसमें 100 रुपए के स्टाम्प के साथ 200 रुपए नकल शुल्क भी लगता है, जिसमें 3 दिन से सप्ताह भर तक समय लग जाता है। अगर रजिस्ट्री ज्यादा पुरानी होती है तो इसे ढूंढना मुश्किल होता है।
300 रुपए देने होंगे
व्यक्ति अपनी रजिस्ट्री की रजिस्टर्ड कॉपी प्राप्त करने के लिए संपदा 2.0 पर ऑनलाइन आवेदन करेगा और 300 रुपए पेमेंट कर 3 सेकंड में रजिस्ट्री की रजिस्टर्ड निकाल सकेगा। यह प्रक्रिया आम लोगों के लिए फायदेमंद है। उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
लोगों की समस्याएं होगी कम
जिला पंजीयक पंकज कोरी ने बताया कि में पुराने रिकॉर्ड में से बार-बार रजिस्ट्रियां निकालने पर रिकॉर्ड खराब होता है। आवेदन आने पर पुरानी रजिस्ट्रियों को सर्च करना मुश्किल होता था, इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए अब पुराने रिकॉर्ड को स्कैन कर ऑनलाइन किया जा रहा है। इससे जल्द ही लोगों बड़ी मिलेगी। उन्हें रजिस्ट्री हासिल करने में लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
-पंकज कोरी, जिला पंजीयक






