कैलाश मानसरोवर जा रहे 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा, ज्यादातर भारतीय
नेपाल पर्यटन बोर्ड की सूची में 384 पर्यटक लापता

कैलाश मानसरोवर जा रहे 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा, ज्यादातर भारतीय
काठमांडू यशभारत। नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 390 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। इनमें 93 नेपाली नागरिक हैं, जबकि बाकी यात्रियों में ज्यादातर भारतीय बताए जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों को बुधवार को रसुवागढ़ी के रास्ते नेपाल-चीन सीमा पार कर तिब्बत पहुंचना था, लेकिन बाढ़ के कारण सड़क और जरूरी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स के प्रबंध निदेशक बाशु कुमार अधिकारी के अनुसार, करीब 390 तीर्थयात्रियों को बुधवार को सीमा पार करनी थी। दोपहर तक कुछ यात्रियों को छोड़कर अधिकांश से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया था। अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के ये यात्री रसुवागढ़ी इलाके में ठहरे हुए थे। यात्रियों की स्थिति का पता लगाने के लिए एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं।
इन यात्रियों में सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स के 71, लीफ हॉलीडेज के 55, काठमांडू हॉलीडेज के 17, कैलाश जर्नी के 31, एक्सप्लोर वेकेशन के सात, ट्रेकर्स सोसाइटी के 92, रिचा टूर्स के 12, फिशटेल टूर्स एंड ट्रैवल्स के 27, हिमालयन ग्लेशियर के 62 और एल्पाइन इको ट्रेक के 16 यात्री शामिल बताए गए हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड की सूची में 384 पर्यटक लापता
नेपाल पर्यटन बोर्ड की 26 अगस्त की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ के बाद कुल 384 पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की सूचना है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। सूची में 105 भारतीय, 17 मलेशियाई, 12 ब्रिटिश, चार दक्षिण अफ्रीकी, तीन अमेरिकी, एक ऑस्ट्रेलियाई और एक नीदरलैंड के नागरिक बताए गए हैं। इसके अलावा 37 एनआरआई हैं, जबकि 111 यात्रियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हालांकि, नेपाल पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों की संख्या को शामिल नहीं करते। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे यात्रियों की वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।
बाढ़ से सीमा मार्ग को भारी नुकसान
भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से रसुवागढ़ी क्षेत्र में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इससे नेपाल-चीन सीमा तक आवाजाही प्रभावित हुई है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।







