ट्रांसफार्मरों के नीचे बन रहे कचरा घर, क्या बड़े हादसे के बाद जागेगा निगम?
अघोषित डंपिंग पॉइंट राहगीर परेशान

जबलपुर,यशभारत। शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के बड़े-बड़े दावों के बीच नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सड़कों पर साफ दिखाई दे रही है। शहर के अनेक प्रमुख मार्गों पर लगे विद्युत ट्रांसफार्मरों के नीचे कचरे के अघोषित डंपिंग पॉइंट बन चुके हैं। आसपास के ठेले, गुमटियां, दुकानदार और राहगीर खुलेआम ट्रांसफार्मरों के नीचे कचरा फेंक रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि ट्रांसफार्मरों के आसपास प्लास्टिक, कागज, सूखा कचरा और अन्य ज्वलनशील सामग्री का ढेर लगा रहता है, जिससे हर समय आग लगने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों पर कचरा बीनने वाले लोग इसी कचरे में आग लगा देते हैं, ताकि धातु या अन्य सामान आसानी से अलग किया जा सके। ऐसी स्थिति में आग की लपटें ट्रांसफार्मर तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। यदि ट्रांसफार्मर में आग लगती है तो न केवल आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठान और वाहन इसकी चपेट में आ सकते हैं, बल्कि बड़े क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी ठप हो सकती है। इससे जन-धन की भारी हानि होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
शहरवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है और न ही ट्रांसफार्मरों के आसपास कचरा फेंकने वालों पर कोई कार्रवाई की जा रही है। यही कारण है कि यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के नीचे महीनों से कचरा जमा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि विद्युत ट्रांसफार्मरों के आसपास ज्वलनशील कचरा जमा होना सुरक्षा मानकों के विपरीत है। थोड़ी-सी चिंगारी भी बड़े अग्निकांड का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और विद्युत विभाग से मांग की है कि ट्रांसफार्मरों के आसपास तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, वहां कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगाने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और अन्य लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी भी दिन एक बड़ी दुर्घटना पूरे शहर को झकझोर सकती है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम संभावित हादसे से पहले जागता है या फिर किसी बड़ी घटना के बाद कार्रवाई का इंतजार करता है।








