खाद संकट पर गरजा विपक्ष, मुखौटा लगाकर किया प्रदर्शन, जमीन को लेकर सदन आधे घंटे के लिए स्थगित, देखे वीडियो
- विधानसभा के पहले दिन हंगामे से गूंजा सदन

खाद संकट पर गरजा विपक्ष, मुखौटा लगाकर किया प्रदर्शन, जमीन को लेकर सदन आधे घंटे के लिए स्थगित, देखे वीडियो
– विधानसभा के पहले दिन हंगामे से गूंजा सदन
आशीष शुक्ला, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन की शुरूआत हंगामे के साथ हुई। प्रदेश में खाद संकट को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस विधायक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और एंदल सिंह कंसाना के चेहरे के मुखौटे पहनकर पहुंचे थे। शून्य काल प्रारंभ होते ही विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने उज्जैन जमीन मामले को लेकर स्थगन लाने का प्रस्ताव रखा। इसे लेकर सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा। इसके पहले जबलपुर की खेल गतिविधियों को लेकर सवाल जवाब हुए जिस पर यह बात सामने आई कि यदि विधायक चाहें तो खेल संगठनों के साथ मिलकर अपने क्षेत्र में खेल गतिविधियां करा सकते हैं। जिसमें खेल विभाग सहमति देगा।
जबलपुर के रानीताल स्थित बेलोड्रम की दुर्दशा का मामला विधानसभा में गूंजा
विधानसभा में विधायक लखन घनघोरिया ने जबलपुर की खेल गतिविधियों को लेकर उसमें सुधार के लिए सवाल किए। उन्होंने रानीताल स्थित बेलोड्रम की दुर्दशा को लेकर मामला उठाया। साथ ही उन्होंने कहा जैसे सांसद खेल उत्सव व महापौर खेल उत्सव होते हैं विधायक खेल कप उत्सव क्यों बंद कराया गया। इस पर खेल मंत्री विश्वास सांरग का कहना था कि विधायकों का कहना था कि कम राशि है इस पर लखन घनघोरिया का कहना था कि विधायक कप कराने में कया समस्या है। इस पर खेल मंत्री ने कहा कि खेल संघों के साथ विधायक यदि कोई अपने क्षेत्र में खेल आयोजन कराने का प्रस्ताव भेजे तो हम तैयार हैं। विधायक कप उत्सव कराने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है।
इसके बाद शून्य काल मे विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने उज्जैन के जमीनी विवाद पर चर्चा करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया। इस पर संसदीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शून्य काल में तत्काल के प्रश्र उठाए जाते हैं इसमें 2023 का मामला लिखा है। इस पर उमंग का कहना था कि यह महत्वपूर्ण मामला है इस पर चर्चा होना चाहिए। लेकिन सत्ता पक्ष का कहना था कि इसे सदन के रिकार्ड से भी अलग किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 139 की चर्चा होनी जरूरी है और विपक्ष के नेता ने जो बात रखी है वह मेरे ध्यान में है उस पर फिर कभी चर्चा हो जाएगी। इसी बीच कांग्रेस विधायक आसंदी के पास आ गए और उज्जैन मामले को लेकर नारे लगाने लगे। विधानसभा अध्य्क्ष ने आधे घंटे के लिए सदन स्थिगत कर दिया ।
कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए बाहर विधानसभा जमीन को लेरक नारे लगाते रहे।
सत्र शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने किसानों को खाद-बीज नहीं मिलने पर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर में धरने पर बैठे और नारेबाजी की। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी विपक्ष ने हंगामा जारी रखा और विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। पहले ही दिन सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक ने आगामी दिनों के लिए भी गरमागरम बहस के संकेत दे दिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध नहीं होने और अल्पवर्षा से बनी स्थिति पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश का किसान संकट में है और सरकार को तत्काल जवाब देना चाहिए।
पांच दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति अमल में ला दी। विपक्ष ने उज्जैन भूमि खरीद प्रकरण, केन-बेतवा परियोजना से प्रभावितों के मुआवजे, नीट-यूजी पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा में कथित गड़बडियों, किसानों की समस्याओं और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना साधने की तैयारी की है।
दूसरी ओर सरकार भी अपने विधायी एजेंडे के साथ पूरी तैयारी में नजर आई। इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विषय समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक है, जिसे रविवार को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल चुकी है और सदन में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच व्यापक बहस होगी। इस बीच प्रदेश में खाद की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों पर कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि राज्य में खाद की कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस किसान को टोकन मिलेगा, उसी को खाद उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री के इस बयान को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए किसानों की परेशानी का मुद्दा उठाया।
सत्र के दौरान विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को भी सदन में उठाने की तैयारी की। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने भोपाल में मल्टी लेवल पार्किंग और जर्जर सड?ों का मामला उठाने की बात कही, जबकि भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने महाराष्ट्र के पंढरपुर में मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अलावा नगर परिषद गठन, जनपद पंचायत, अधोसंरचना विकास और स्थानीय समस्याओं से जुड़े कई मुद्दे भी सदन के एजेंडे में शामिल रहे।
मानसून सत्र के पहले दिन जिस तरह किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस ने आक्रमक तेवर दिखाए और सदन में जोरदार हंगामा कर वॉकआउट किया, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यूसीसी, किसानों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और विकास से जुड़े मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिलेगा। पांच दिन का यह सत्र प्रदेश की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है।







