MP में UCC पास: विधानसभा से मिली मंजूरी, जानिए आम जनता और नियमों पर क्या पड़ेगा असर

यश भारत ब्रेकिंग
MP में UCC पास: विधानसभा से मिली मंजूरी, जानिए आम जनता और नियमों पर क्या पड़ेगा असर
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा पेश किया गया समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 सदन में सर्वसम्मति/बहुमत से पास हो गया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जहाँ समान नागरिक संहिता लागू की जा रही है।
इस कानून का मुख्य उद्देश्य राज्य में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े कानूनों में एकरूपता लाना है।
विधेयक की मुख्य बातें और नियम:
जनजातीय समुदायों को राहत: मध्यप्रदेश की बड़ी आदिवासी आबादी की सांस्कृतिक परंपराओं और रीति-रिवाजों को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जनजाति वर्ग को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण: राज्य में अब सभी धर्मों और समुदायों के लिए विवाह और तलाक का सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
कुप्रथाओं पर पूर्ण प्रतिबंध: समाज में प्रचलित बहुविवाह , तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को पूरी तरह से प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध माना गया है।
लिव-इन रिलेशनशिप के लिए सख्त नियम: लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को 1 महीने के भीतर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। तय समय में रजिस्ट्रेशन न कराने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
संपत्ति में बेटियों को समान अधिकार: नए कानून के तहत पैतृक संपत्ति के उत्तराधिकार में बेटे और बेटी दोनों को बराबर का हक दिया जाएगा। इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों को भी कानूनी मान्यता और संपत्ति में पूर्ण उत्तराधिकार प्राप्त होगा।
विधेयक पास होने के बाद अब इसे राज्यपाल की स्वीकृति और औपचारिक अधिसूचना के बाद पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।







