हाई कोर्ट के आदेश पर नारियल खेड़ा में चला बुलडोजर: 23 मकान और 25 दुकानें ध्वस्त, प्रभावितों के पुनर्वास की मांग

हाई कोर्ट के आदेश पर नारियल खेड़ा में चला बुलडोजर: 23 मकान और 25 दुकानें ध्वस्त, प्रभावितों के पुनर्वास की मांग
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल के नारियल खेड़ा चौराहा स्थित फिज़ा कॉलोनी में प्रशासन ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद बड़ी बेदखली कार्रवाई की है। भूमि संबंधी मामले में याचिकाकर्ता उपासना जौहरी के पक्ष में निर्णय आने के बाद भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में 23 मकानों और 25 दुकानों को ढहा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद वर्षों से रह रहे प्रभावित परिवारों के सामने आवास और रोजगार दोनों का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन के इस कदम पर पूर्व पार्षद एवं आरटीआई एक्टिविस्ट समीर खान ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 40 वर्षों से रह रहे लोगों को तैयारी का कोई अवसर नहीं दिया गया। रहवासियों को कार्रवाई से महज 15 घंटे पहले चेतावनी नोटिस दिया गया, जिससे उन्हें अपना सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने या कानूनी विकल्प तलाशने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
समीर खान ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए भी बेघर हुए लोगों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था न किया जाना अनुचित है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि भोपाल में खाली पड़ी वक्फ संपत्तियों की कानूनी स्थिति की जांच कराई जाए और नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से विस्थापित परिवारों को वहां स्थायी या अस्थायी रूप से बसाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावितों के अधिकारों और मानवीय न्याय की लड़ाई के लिए कानूनी विकल्पों का अध्ययन किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।






