भोपाल में SSB जवान ने जबड़े पर राइफल रख दबाया ट्रिगर, मौत से पहले पत्नी को किया था आखिरी कॉल

भोपाल में SSB जवान ने जबड़े पर राइफल रख दबाया ट्रिगर, मौत से पहले पत्नी को किया था आखिरी कॉल
भोपाल, यशभारत। सुरक्षा बल के जवानों का जीवन बाहर से जितना अनुशासित और शांत दिखाई देता है, भीतर का मानसिक और व्यक्तिगत संघर्ष कई बार उतना ही गहरा होता है। भोपाल के कमला नगर स्थित CSD कैंप डिपो में बुधवार तड़के घटी एक दर्दनाक घटना ने एक बार फिर वर्दी के पीछे छिपी इस ख़ामोश तन्हाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ तैनात सशस्त्र सीमा बल के 35 वर्षीय जवान संदीप खरमटे ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर जीवनलीला समाप्त कर ली।
मिली जानकारी के अनुसार, जवान संदीप डिपो में अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे। उसी दौरान उन्होंने अपनी इंसास/सर्विस राइफल को अपने जबड़े के नीचे सटाया और अंगूठे से ट्रिगर दबा दिया। गोली सिर को चीरती हुई पार निकल गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अंतिम कॉल और सुबह मिली मनहूस खबर
घटना से कुछ ही घंटे पहले, मंगलवार रात करीब 10 बजे संदीप की अपनी पत्नी से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने सामान्य तरीके से बस इतना बताया था कि वे ड्यूटी पर हैं। पत्नी को अंदेशा भी नहीं था कि यह उनके पति की आखिरी आवाज होगी। बुधवार सुबह 4 बजे जब विभाग से मौत की सूचना घर पहुँची, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मराठी सुसाइड नोट में छिपा निजी दर्द
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो मराठी भाषा में लिखा गया है। सुसाइड नोट के शुरुआती अनुवाद से यह बात सामने आई है कि जवान ने इस खौफनाक कदम के लिए अपनी पत्नी से माफी मांगी है और इसे अपना व्यक्तिगत फैसला बताया है।
जाँच के घेरे में तनाव के कारण
कमला नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को हमीदिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया है। हालांकि सुसाइड नोट में निजी कारणों का हवाला दिया गया है, लेकिन पुलिस अब इस बिंदु पर भी जाँच कर रही है कि क्या जवान किसी विभागीय तनाव, लंबी ड्यूटी या पारिवारिक उलझन से जूझ रहे थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुसाइड नोट के पूर्ण अनुवाद और सहयोगियों व परिजनों के विस्तृत बयानों के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।







