कान्हा टाइगर रिजर्व में ‘ऑपरेशन मानसून’ प्रारम्भ : 182 कैंप, 17 हाथी, 1000 कर्मी; तीन माह चलेगी विशेष गश्त

मंडला। विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान केवल बफर जोन खुला रहेगा। मानसून सीजन में वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार पर रोक और जंगल की निगरानी के लिए कान्हा प्रबंधन ने ‘ऑपरेशन मानसून’ के तहत विशेष गश्ती अभियान शुरू किया है।
बारिश के मौसम में जंगल के रास्ते और सड़कें बंद होने से अवैध गतिविधियों की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए वनरक्षक और सुरक्षाकर्मी घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त करेंगे। अभियान के लिए रोस्टर और रूट चार्ट तैयार किए गए हैं, ताकि जंगल की प्रत्येक पगडंडी और संभावित घुसपैठ वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा सके। कान्हा के 940 वर्ग किमी कोर एरिया में 120 कैंप, 1134 वर्ग किमी बफर क्षेत्र में 50 कैंप तथा 110 वर्ग किमी फेन अभयारण्य में 12 पेट्रोलिंग कैंप सहित कुल 182 कैंप सक्रिय रहेंगे। इन कैंपों में वनरक्षक और स्थायी सुरक्षा श्रमिक तैनात किए गए हैं।
लगभग 1,000 अधिकारी-कर्मचारी ‘ऑपरेशन मानसून’ के दौरान जंगल की सुरक्षा में जुटे रहेंगे। कान्हा टाइगर रिजर्व के 589 संवेदनशील क्षेत्रों को 38 सेक्टरों में बांटा गया है। यहां फैली 1,204 किलोमीटर लंबी 160 पगडंडियों की लगातार निगरानी होगी। दुर्गम इलाकों में अस्थायी कैंप भी स्थापित किए गए हैं। गश्ती अभियान में 17 विभागीय हाथियों का भी उपयोग किया जाएगा। कान्हा, किसली, मुक्की और सूपखार क्षेत्र के हाथी कैंपों से आवश्यकतानुसार हाथियों को दुर्गम इलाकों में गश्त के लिए लगाया जाएगा। ‘ऑपरेशन मानसून’ की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
परिक्षेत्र अधिकारियों को कैंपों में रात्रि विश्राम करने और प्रतिदिन गश्त की रिपोर्ट प्रबंधन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, लगातार बारिश और कठिन परिस्थितियों में कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।







