फर्टिलाइजर की अवैध जमाखोरी पर प्रहार: अवैध उर्वरक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, एफआईआर दर्ज

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ जिले में अवैध उर्वरक भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के कड़े निर्देशन में कृषि विभाग की टीम ने खुरई रोड पर गढ़ौली खुर्द स्थित ‘मेसर्स माँ हरसिद्धि एग्रो’ (ट्रेडर्स) और गुजरात के ‘सहदेव फर्टिलाइजर्स’ के खिलाफ बिना अनुमति और वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से उर्वरक भंडारण करने के मामले में थाना कैंट में एफआईआर दर्ज कराई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृषि विकास अधिकारी सह उर्वरक निरीक्षक शिवकांत सिंह राजपूत को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि ग्राम कुडारी में सचिन गुप्ता के मकान में अवैध रूप से उर्वरक का भारी भंडारण किया जा रहा है. सूचना की तस्दीक के लिए कृषि विभाग की टीम ने तत्काल पुलिस स्टाफ को साथ लेकर मौके पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की. जब टीम वहाँ पहुँची, तो मौके पर एक हैवी ट्रक (क्रं. MP 09 HH 2213) से उर्वरक की बोरियाँ उतारकर मकान में शिफ्ट की जा रही थीं.
25 हजार किलो अवैध खाद बरामद
जांच टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से कुल 500 बोरी अवैध उर्वरक जप्त किया है, जिसका कुल वजन 25,000 किलोग्राम (25 टन) है. इसमें से 230 बोरियाँ ट्रक में लोड थीं और 270 बोरियाँ मकान के अंदर डंप की जा चुकी थीं. जप्त किए गए उर्वरक की कुल कीमत ₹1,25,000 और जप्त हैवी ट्रक की कीमत करीब ₹20 लाख आंकी गई है, जिससे कुल जप्ती ₹21,25,000 तक पहुँच गई है. मौके पर मौजूद आरोपी प्रदीप साहू इस भंडारण और खरीदी-बिक्री से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस पेश नहीं कर सका.
कृषि विभाग की लिखित शिकायत पर कैंट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘मेसर्स माँ हरसिद्धि एग्रो’ के प्रोपराइटर प्रदीप साहू (पिता काशीराम साहू) और ‘सहदेव फर्टिलाइजर्स’ (भावनगर, गुजरात) के प्रोपराइटर महेश रामजी भाई चौहान के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है. आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 8 एवं 35 के तहत अपराध संख्या 0332/2026 पंजीकृत कर मामले को विवेचना में ले लिया गया है. जांच के लिए उर्वरक के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैंl







