कलेक्टर के आदेश की खानापूर्ति, क्रशर प्लांटों की कर दी रिहाई, कटनी खनिज विभाग का कारनामा, कनौर में कब्जा बरकरार, फिर भी खुल गए सील प्लांट, कार्रवाई पर उठे सवाल

बरही/कटनी, यशभारत। कटनी जिले के कनौर बिचपुरा में संचालित अवस्थी क्रशर एवं महालक्ष्मी मिनरल्स के क्रशर प्लांट, जिन्हें मंगलवार को प्रशासन ने जंजीर लगाकर सील किया था। गुरुवार दोपहर पुन: खोल दिए गए। यह कार्रवाई खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित की मौजूदगी में पंचनामा तैयार करने के बाद की गई। मौके पर बरही के नायब तहसीलदार श्रीवास्तव, पुलिस बल तथा कुछ समय के लिए एसडीएम विवेक गुप्ता भी मौजूद रहे।
पहले फोटो शूट, फिर पंचनामा की खानापूर्ति
गुरुवार की दोपहर एसडीएम विवेक गुप्ता, खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित और राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार की टीम विवादित स्थल पहुंचे, जहां मौके का पहले फोटो शूट के तत्काल बाद एसडीएम विवेक गुप्ता स्लीमनाबाद के लिए रवाना हो गए, जिसके बाद पंचनामा की खानापूर्ति और बाद में जंजीर में जकड़े क्रशर प्लांट की रिहाई की गई।
अतिक्रमण हटाने कलेक्टर के निर्देश पर रस्म-अदायगी
जानकारी के अनुसार कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर प्रशासन की संयुक्त टीम ने शासकीय भूमि एवं आम रास्ता खसरा क्रमांक 861 की लगभग 0.65 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण का हवाला देते हुए दोनों क्रशर प्लांटों को सील किया था। प्रशासन ने महालक्ष्मी मिनरल्स के तीन एवं अवस्थी क्रशर के एक कन्वेयर को आम रास्ते से हटाने के निर्देश दिए थे।
कन्वेयर वेल्ट निकला, कब्जा बरकरार
गुरुवार तक केवल कन्वेयर बेल्ट हटाई गई, जबकि विवादित भूमि से कथित अतिक्रमण यथावत बना रहा। इसके बावजूद खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित ने पंचनामा तैयार कर सील हटवाते हुए दोनों प्लांटों को पुन: संचालित करने की अनुमति दे दी। कार्यवाई के दौरान कलेक्टर के निर्देश की महज रस्म-अदायगी की गई।
प्रशासनिक कार्यवाई पर सवालिया निशान
इस कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि शासकीय भूमि और आम रास्ते से अतिक्रमण नहीं हटाया गया थाए तो आखिर किस आधार पर सील खोली गईघ् क्या कलेक्टर के निर्देशों का केवल औपचारिक पालन किया गया। पूरे घटनाक्रमने प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







