जबलपुरदेशमध्य प्रदेशराज्य

टीटीई व यात्रियों के बीच बन रही विवाद की स्थिति

बिना प्रचार-प्रसार रेलवे का लागू हुआ नया नियम

टीटीई व यात्रियों के बीच बन रही विवाद की स्थिति

बिना प्रचार-प्रसार रेलवे का लागू हुआ नया नियम

जबलपुर यशभारत।भारतीय रेलवे ने रेलवे अधिनियम के विभिन्न दंड प्रावधानों और जुर्माना राशि में संशोधन करते हुए नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं। बिना टिकट अथवा अनाधिकृत यात्रा पर लगने वाली पेनल्टी को दोगुना कर दिया गया है, जबकि ट्रेसपास, अवैध हॉकिंग, महिलाओं के आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश सहित कई उल्लंघनों पर भी जुर्माना बढ़ाया गया है। हालांकि इन नियमों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने से यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते ट्रेनों में टीटीई और यात्रियों के बीच विवाद के मामले सामने आने लगे हैं। बता दें कि भारतीय रेलवे द्वारा हाल ही में लागू किए गए संशोधित दंड प्रावधानों ने यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा दिया है। रेलवे अधिनियम के तहत विभिन्न अपराधों और नियम उल्लंघनों पर लगने वाले जुर्माने में वृद्धि की गई है। सबसे बड़ा असर बिना टिकट अथवा अनाधिकृत यात्रा करने वालों पर पड़ा है जहां अब पहले की तुलना में दोगुना आर्थिक दंड वसूला जा रहा है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन संशोधनों का उद्देश्य रेलवे परिसरों में सुरक्षा बढ़ाना और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।वहीं दूसरी ओर यात्रियों का कहना है कि नए नियमों की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई।

1782464171 WhatsApp Image 2026 06 26 at 13.53.37

स्टेशन परिसरों, टिकट घरों और ट्रेनों में भी पर्याप्त जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया, जिसके कारण कई यात्री बढ़ी हुई पेनल्टी से अनभिज्ञ हैं। इसी वजह से टिकट जांच के दौरान टीटीई और यात्रियों के बीच बहस एवं विवाद की स्थिति बन रही है। यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि नए नियमों और बढ़े हुए जुर्मानों की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाए ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं रेलवे प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य है और उल्लंघन की स्थिति में निर्धारित कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि रेल यात्रियों की सुविधा, रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने तथा रेल सेवाओं के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेल अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं में संशोधित दंड एवं जुर्माना प्रावधान 19 जून से प्रभावी हो गए हैं। वहीं रेलवे प्रशासन का मानना है कि संशोधित दंड प्रावधानों से बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा की घटनाओं में कमी आएगी, जिससे वैध टिकटधारी यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी तथा रेलवे परिसरों में अनुशासन और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। वहीं रेलवे के इस नए नियम को लेकर यात्रियों और टीटीई के बीच जो विवाद की स्थिति बन रही है इससे टिकट निरीक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह विवाद हंगामे का रूप ले रहा है। ऐसी स्थिति में टीटीई के साथ कोई सुरक्षा नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button