जल संसाधन संभाग जबलपुर में थोक के भाव तबादले
यंत्री से लेकर उप यंत्री और सहायक यंत्री प्रशासनिक व्यवस्था के तहत हटाए गए

निजी कंपनी और प्रशासनिक गठजोड़ के चलते बड़ी सर्जरी की बातें आ रही सामने
जबलपुर (यश भारत)। जल संसाधन विभाग के हिरन जल संसाधन संभाग, जबलपुर में इस बार एक साथ कई अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं, जिनमें यंत्री से लेकर उप यंत्री और सहायक यंत्री शामिल हैं। इसमें सबसे खास बात यह है कि ये सभी तबादले प्रशासनिक बताए जा रहे हैं। इनमें एक भी तबादला ऐसा नहीं है, जो संबंधित अधिकारी द्वारा आवेदन देकर स्वयं के व्यय पर करवाया गया हो। ऐसे में इन तबादलों को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि एक साथ जबलपुर संभाग में इतनी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करनी पड़ी?
प्रोजेक्ट से जोड़कर देखी जा रही कार्रवाई
इस पूरी तबादला प्रक्रिया में जबलपुर संभाग के जो नाम सामने आए हैं, वे सभी एक बड़े प्रोजेक्ट से जोड़कर देखे जा रहे हैं, जो कि नरसिंहपुर जिले में चल रहा है। इस प्रोजेक्ट के भुगतान को लेकर कुछ मामले सामने आ रहे थे, जिसके चलते ये सभी ट्रांसफर किए गए हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा जो तबादला सूची जारी की गई है, उसमें 80 से 90% नाम ऐसे हैं जिनके ट्रांसफर स्वयं के व्यय पर (संबंधित अधिकारियों के आवेदन पर) किए गए हैं। लेकिन, जबलपुर संभाग में जो ट्रांसफर किए गए हैं, वे सभी प्रशासनिक दृष्टि से किए गए हैं, जिनमें अधिकारियों की सहमति नहीं थी।
भुगतान से संबंधित है मामला
जानकारी के अनुसार, इस मामले में प्रोजेक्ट के भुगतान से संबंधित जानकारियां सामने आ रही हैं। कहा जा रहा है कि जो प्रोजेक्ट चल रहा है, वह दो हिस्सों में विभाजित है, जिसे लेकर एक स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल बनाया गया है और उसी के आधार पर दोनों ही हिस्सों का काम किया जाना है। लेकिन उक्त मामले में काम स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के तहत न होकर, कंपनी की सुविधा के हिसाब से किया गया है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों द्वारा भुगतान करने में आनाकानी की जा रही थी, जिसके चलते ट्रांसफर का यह पूरा खेल खेला गया है। चर्चा है कि कुछ बड़े नौकरशाहों के परिवार के सदस्य भी इस पूरे मामले में पर्दे के पीछे से शामिल हैं।







