बीना में पटरी किनारे मिली लहूलुहान मासूम की हुई शिनाख्त: आधी रात को चलती ट्रेन से गिरने की आशंका, वेंटिलेटर पर जंग

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ बीना रेलवे स्टेशन क्षेत्र में संदिग्ध और मरणासन्न हालत में मिली अज्ञात घायल किशोरी के मामले में एक बेहद भावुक करने वाला अपडेट सामने आया है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में खबर फ्लैश होने के बाद अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही इस बच्ची की शिनाख्त हो गई है। वह कोई अज्ञात युवती नहीं, बल्कि प्रयागराज की रहने वाली 14 वर्षीय मासूम अंकिता द्विवेदी है, जो अपनी मां और छोटे भाई के साथ पुणे जा रही थी और रास्ते में अचानक गायब हो गई थी।
सोशल मीडिया पर रो-रोकर गुहार लगा रहा था बेबस परिवार
अंकिता के अचानक गायब होने से सहमे परिजनों ने तत्काल सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर आम जनता से मदद की मार्मिक अपील की थी। परिजनों द्वारा प्रसारित सूचना के अनुसार— “प्रयागराज से सुबह करीब 10:30 बजे हड़पसर-भुसावल जंक्शन (पुणे स्पेशल) जाने वाली ट्रेन में अपनी मां और छोटे भाई के साथ सफर कर रही किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी।” बच्ची का कोई सुराग न मिलने से मां और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था और मामा अश्वनी कुमार पांडे लगातार इटारसी स्टेशन के आसपास उसे ढूंढ रहे थे।
बाथरूम जाने निकली थी मासूम, बोगी नंबर S-4 से हुई लापता
बीएमसी पुलिस चौकी से प्राप्त प्रामाणिक विवरण के अनुसार, प्रयागराज निवासी संजय द्विवेदी का परिवार वर्तमान में पुणे में रह रहा है। बीते गुरुवार, 11 जून 2026 की रात अंकिता अपनी मां नीरज द्विवेदी और 2 वर्षीय छोटे भाई के साथ ट्रेन नंबर 01407 (पुणे स्पेशल) के कोच नंबर S-4 (बर्थ नंबर 41, 43, 44) में सफर कर रही थी।
रात के वक्त जब ट्रेन बीना स्टेशन क्षेत्र के पास से गुजर रही थी, तब अंकिता सीट से उठकर बाथरूम जाने के लिए निकली। आशंका जताई जा रही है कि चलती ट्रेन के दरवाजे के पास अचानक संतुलन बिगड़ने या तेज झटका लगने के कारण वह सीधे नीचे ट्रैक पर गिर गई, जिससे उसके सिर, आंख और चेहरे पर जानलेवा चोटें आईं।
पुलिस की सजगता से चंद घंटों में मिटा दूरी का फासला
मामले में बीएमसी पुलिस चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक सोनू जाटव ने ‘यश भारत’ के संभागीय ब्यूरो को बताया कि पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित प्रयासों के कारण बच्ची की तस्वीर को अलग-अलग रेल सुरक्षा ग्रुप्स में भेजा गया। तस्वीरें मैच होते ही इटारसी की तरफ भटक रहे मामा अश्वनी कुमार पांडे और पुणे में मौजूद मां नीरज द्विवेदी तक सूचना पहुंची। लहूलुहान हालत में अपनी लाडली की तस्वीर देखकर मां फफक पड़ी। सूचना मिलते ही अंकिता के पिता सहित पूरा परिवार बाय रोड सागर के लिए रवाना हो चुका है, जो देर रात तक अस्पताल पहुंच जाएगा।
4 विभागों के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम जुटी, हालत बेहद नाजुक
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने यश भारत को बताया कि इस गंभीर हादसे का शिकार हुई मासूम बच्ची के सिर पर गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। घायल अंकिता की अत्यंत चिंताजनक हालत को देखते हुए बीएमसी प्रबंधन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
डॉ. सौरभ जैन के अनुसार बच्ची की सांसें बचाने के लिए बीएमसी के 4 से अधिक विभागों के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम लगातार उसकी देखरेख में जुटी है। अंकिता वर्तमान में बीएमसी की गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। डॉक्टरों की पूरी टीम इस मासूम को सुरक्षित बचाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।







