बुलडोजर से जमींदोज ऐतिहासिक हुआ शहीद द्वार, रेत से भरे डंपर की ठोकर से हुआ था क्षतिग्रस्त, राहगीरों के लिए था खतरनाक

कटनी, यशभारत । नई बस्ती क्षेत्र में शहीदों की स्मृति में निर्मित शहीद द्वार आज दोपहर अंततः जमींदोज कर दिया गया। बुधवार रात रेत से भरे डंपर की टक्कर से क्षतिग्रस्त होने के बाद यह खतरनाक स्थिति में पहुंच गया था। नगर निगम के अधिकारियों के संज्ञान में लाये जाने के बाद दोपहर में इसे गिराने की कार्यवाही शुरू हुई। बुलडोज़र के एक्शन के बाद अतीत की यह ऐतिहासिक धरोहर मलबे के ढेर में बदल गई।
जानकारी के अनुसार रात के समय तेज रफ्तार से गुजर रहे रेत से भरे एक डंपर ने शहीद द्वार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि द्वार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, किंतु मरम्मत की बजाय निगम ने इसे गिरा दिया। बताया जा रहा है कि इसके स्थान पर अब नया द्वार बनाया जा सकता है। हालांकि कमानिया गेट गिराए जाने के वक्त भी नए गेट के निर्माण की बात कही गई थी, लेकिन आज तो इसे अमल में नहीं लाया गया।
शहीद द्वार के अतीत के बारे में बताया जाता है कि सन 1962 में भारत और चीन के बीच हुए युद्ध में शहीद देश के सैनिकों की स्मृति में नई बस्ती के प्रतिष्ठित निवासियों द्वारा सन 1963 में बड़े उत्साह के साथ जन सहयोग से शहीद द्वार का निर्माण कराया गया था। विगत 63 वर्ष से यह कटनी नगर एवं नई बस्ती की शान और पहचान रहा है। विगत 63 वर्षों में स्थानीय प्रशासन द्वारा इस प्रवेश द्वार की कोई खैर खबर नहीं ली गई। वैसे वाहन की टक्कर से द्वार को क्षति पहुंचने की बात सही है तो सीसीटीवी कैमरे खंगाल कर संबंधित वाहन चालक को पकड़ा और दोषियों पर मामला कायम किया जाना चाहिए तथा शहीद द्वार का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाना चाहिए ।








