भोपाल

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा कर्मियों को राहत, 4.46 प्रतिशत बढ़ा पारिश्रमिक

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा कर्मियों को राहत, 4.46 प्रतिशत बढ़ा पारिश्रमिक
भोपाल, यश भारत । मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग द्वारा सोमवार को जारी आदेश के अनुसार यह बढ़ा हुआ पारिश्रमिक 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इस निर्णय से विभिन्न विभागों में संविदा आधार पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार संविदा कर्मचारियों के वेतन में की गई यह वृद्धि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 22 जुलाई 2023 को जारी संविदा नीति के प्रावधानों के तहत की गई है। नीति में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार पर हर वर्ष संविदा कर्मियों के पारिश्रमिक में वृद्धि की जाएगी। इसी व्यवस्था के तहत वर्ष 2026-27 के लिए वृद्धि दर 4.46 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इस बार की वृद्धि दर पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 0.59 प्रतिशत अधिक है। इससे संविदा कर्मियों के मासिक पारिश्रमिक में बढ़ोतरी होगी और महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच उन्हें कुछ राहत मिल सकेगी।
राज्य सरकार के इस निर्णय से स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास सहित अनेक विभागों में कार्यरत संविदा अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे। लंबे समय से संविदा कर्मचारी महंगाई के अनुरूप वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद कर्मचारियों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।
हालांकि, इस निर्णय के साथ ही संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने एक महत्वपूर्ण मांग भी उठाई है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि राज्य के कई विभागों में अभी तक 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति पूरी तरह लागू नहीं की गई है। ऐसे विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को इस वेतन वृद्धि का लाभ मिलने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी समान रूप से इस वृद्धि का लाभ दिया जाए।
संघ का कहना है कि समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के बीच वेतन और सुविधाओं में अंतर नहीं होना चाहिए। यदि कुछ विभागों में संविदा नीति का लाभ नहीं दिया जाता है तो इससे कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन सकती है। इसलिए सरकार को सभी विभागों में एक समान व्यवस्था लागू करनी चाहिए।
वित्त विभाग के आदेश के बाद अब संबंधित विभाग बढ़े हुए पारिश्रमिक के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया शुरू करेंगे। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने के कारण कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन के साथ एरियर का लाभ भी मिल सकता है। सरकार के इस फैसले को संविदा कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जबकि कर्मचारी संगठन अब इसके दायरे को सभी विभागों तक विस्तारित करने की मांग कर रहे हैं।

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