फर्जी डॉक्टर गिरोह का पर्दाफाश, संजीवनी अस्पताल में कार्यरत 2 आरोपी गिरफ्तार

दमोह। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। आनंद कलादगी के निर्देशन में दमोह कोतवाली पुलिस ने संजीवनी अस्पताल में कार्यरत दो फर्जी डॉक्टरों का पर्दाफाश करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फर्जी एमबीबीएस डिग्री और मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 479/26 एवं 480/26 के तहत धारा 318(3), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. कुमार सचिन यादव निवासी ग्वालियर एवं डॉ. राजपाल गौर निवासी सीहोर शामिल हैं। वहीं मामले में डॉ. अजय मौर्य को अभिरक्षा में लिया गया है, जो जबलपुर स्थित संजीवनी अस्पताल में कार्यरत बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक 16 मई 2026 को सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित संजीवनी क्लीनिक सुभाष कॉलोनी दमोह में चयन प्रक्रिया के दौरान फर्जी एवं कूटरचित एमबीबीएस डिग्री, मेडिकल काउंसिल पंजीयन प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दोनों करीब एक वर्ष से नौकरी कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शासकीय संस्था को धोखे में रखकर अवैध लाभ प्राप्त किया और आम जनता के स्वास्थ्य एवं जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुजीत सिंह भदौरिया एवं एच. आर. पाण्डेय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पूछताछ में फर्जी डॉक्टर अजय मौर्य की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस टीम ने उसे जबलपुर से अभिरक्षा में लिया है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि राज्य स्तर पर फर्जी एमबीबीएस डिग्री, डॉक्टर रजिस्ट्रेशन और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराकर कई लोगों को संजीवनी अस्पतालों में नियुक्त कराया गया है।
पुलिस के अनुसार मामले में कई अन्य संदिग्ध व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका भी सामने आई है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पैसों के बदले नियुक्तियां कराने वाले लोगों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।







