अब खेत से एप पर होगी रियल टाइम रिपोर्टिंग, फर्जी दौरों पर लगेगी लगाम

अब खेत से एप पर होगी रियल टाइम रिपोर्टिंग, फर्जी दौरों पर लगेगी लगाम
भोपाल, यश भारत। मध्यप्रदेश सरकार ने ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए कृषि विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब मैदानी अमले की हर गतिविधि पर सरकार सीधी नजर रखेगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड विजिट की रिपोर्ट दफ्तर में बैठकर बनाने की बजाय खेत से ही सार्थक एप के जरिए रियल टाइम रिपोर्टिंग करनी होगी। जियो-टैगिंग से होगी पुष्टि
नई व्यवस्था जियो-फेंसिंग और जियो-टैगिंग तकनीक पर आधारित है। कृषि विस्तार अधिकारी जब किसान के खेत पर जाएंगे तो ‘सार्थक’ एप पर उपस्थिति दर्ज करेंगे। एप लोकेशन मिलान के बाद ही रिपोर्ट स्वीकार करेगा। इसके साथ मौके की लाइव फोटो अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। पारदर्शिता बढ़ाने की कवायद , शासन का मानना है कि इस कदम से फर्जी रिपोर्टिंग और कागजों पर होने वाले दौरों पर पूरी तरह रोक लगेगी। योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने और किसानों तक सीधा लाभ पहुंचाने के मकसद से यह व्यवस्था लागू की गई है।







