जबलपुरमध्य प्रदेश

प्रचंड गर्मी का कहर: जीवनदायिनी हिरण नदी की थमी सांसें, मवेशियों पर गहराया जल संकट.सूखते जलस्रोतों ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता

प्रदूषण की मार से कराह रही परियट नदी

जबलपुर यशभारत। भीषण गर्मी ने जनजीवन के साथ-साथ प्राकृतिक जलस्रोतों पर भी गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। जीवनदायिनी हिरण नदी जो कभी ग्रामीणों और मवेशियों के लिए प्रमुख सहारा थी, अब अपनी धार खोती नजर आ रही है। लगातार बढ़ते तापमान और बारिश के अभाव के चलते नदी का जलस्तर तेजी से गिरा है और कई स्थानों पर नदी का तल सूखकर उजागर हो गया है।जिसकी एक बानगी गनयारी गांव से गुजरने वाली हिरण नदी में देखने को मिली। इधर परियट नदी भी इन दिनों गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। नदी में गिरते कचरे और गंदे पानी ने इसकी स्वच्छता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कभी कल कल ध्वनि देती थी सुनाई अब नजर आ रही दरारें

इन दोनों नदियों के हालात यह हैं कि जहां पहले पानी की कल-कल ध्वनि सुनाई देती थी, वहां अब सूखी रेत और दरारें नजर आ रही हैं। नदी के किनारे बसे गांवों में मवेशियों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पशुपालक अपने मवेशियों को पानी पिलाने के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों तक जाने को मजबूर हैं, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है।ग्रामीणों का कहना है कि इस बार गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तालाब, कुएं और छोटे-छोटे जलस्रोत भी सूखने लगे हैं, जिससे समस्या और विकराल होती जा रही है। यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई, तो पेयजल संकट के साथ-साथ पशुधन पर भी भारी असर पड़ सकता है।

नदी में छोड़ा जाए नहर का पानी

हिरण नदी को बचाने के लिए अब ग्रामीणों ने नहर का पानी छोड़ने की मांग तेज कर दी है। नदी की धार लगभग थम जाने से जहां एक ओर जनजीवन प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नहर से पानी छोड़कर हिरण नदी में प्रवाह बहाल किया जाए। उनका मानना है कि यदि समय रहते यह कदम उठाया गया, तो मवेशियों और ग्रामीणों को काफी राहत मिल सकती है। साथ ही नदी के आसपास के जलस्तर को भी संतुलित किया जा सकेगा।अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और राहत के क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, ग्रामीणों की निगाहें शासन-प्रशासन की ओर टिकी हुई हैं।

नदी में कचरा व गंदे पानी से स्वच्छता पर उठ रहे सवाल

प्रदूषण की मार से कराह रही परियट नदी, जिम्मेदारों की चुप्पी से बढ़ा संकटक्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जाने वाली परियट नदी इन दिनों गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। नदी में गिरते कचरे और गंदे पानी ने इसकी स्वच्छता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।परियट नदी में लगातार बढ़ते प्रदूषण ने अब विकराल रूप ले लिया है।कई स्थानों पर नदी का पानी बदबूदार हो चुका है और जलचर जीवों पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग इस ओर कोई ठोस कदम उठाते नजर नहीं आ रहे हैं।पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। नदी की सफाई और प्रदूषण रोकने के लिए ठोस योजना की आवश्यकता है।

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