मप्र कर्मचारियों को केंद्र जैसी सुविधाओं की तैयारी, 1.5 करोड़ बीमा सहित कई लाभ मिलने उम्मीद

मप्र कर्मचारियों को केंद्र जैसी सुविधाओं की तैयारी, 1.5 करोड़ बीमा सहित कई लाभ मिलने उम्मीद
भोपाल यश भारत। मध्य प्रदेश के करीब साढ़े 7 लाख कर्मचारियों को जल्द ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर बेहतर वित्तीय सुविधाएं मिल सकती हैं। राज्य के संस्थागत वित्त संचालनालय ने इस संबंध में सभी विभागों को पत्र जारी कर प्रस्ताव पर सुझाव मांगे हैं। यदि योजना लागू होती है, तो कर्मचारियों को डेढ़ करोड़ रुपये तक का बीमा कवर और रियायती दरों पर विभिन्न प्रकार के लोन की सुविधा मिल सकेगी। संस्थागत वित्त आयुक्त द्वारा जारी पत्र सभी विभागाध्यक्षों नगरीय निकायों, विश्वविद्यालयों, बोर्डों और कलेक्टरों को भेजा गया है। इसमें केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा दी जा रही सुविधाओं का उल्लेख करते हुए राज्य कर्मचारियों को भी समान लाभ देने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया है। प्रस्ताव के अनुसार कर्मचारियों को दुर्घटना की स्थिति में मृत्यु या स्थायी आंशिक विकलांगता पर करीब 1.5 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है। इसके अलावा टर्म लाइफ इंश्योरेंस में टॉप अप सुविधा, स्वास्थ्य बीमा कवर और परिवार के लिए अतिरिक्त सुरक्षा भी प्रस्तावित है। रियायती दरों पर मिलेंगे लोन , योजना लागू होने पर कर्मचारियों को आवास, शिक्षा, वाहन और पर्सनल लोन कम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। साथ ही बैंकिंग सेवाओं में भी राहत मिलेगी जैसे लॉकर शुल्क और प्रोसेसिंग फीस में छूट। क्रेडिट कार्ड पर भी विशेष लाभ देने की बात सामने आई है। फिलहाल राज्य कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट तो जीरो बैलेंस पर खुलते हैं लेकिन केंद्र कर्मचारियों जैसी अतिरिक्त सुविधाएं नहीं मिलतीं। वित्त संचालनालय के इस पहल के बाद कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि उन्हें भी जल्द व्यापक वित्तीय सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकेंगी।







