बिना बैलेट बॉक्स चुनाव का विरोध, वकीलों में जमकर हुई धक्का-मुक्की

बिना बैलेट बॉक्स चुनाव का विरोध, वकीलों में जमकर हुई धक्का-मुक्की
भोपाल, यशभारत। भोपाल जिला बार एसोसिएशन के आगामी चुनावों को लेकर कोर्ट कैंपस का माहौल पिछले दो दिनों से बेहद गर्म है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव अधिकारी की नियुक्ति को लेकर अधिवक्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुँच गया, जिसके चलते पुलिस को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा। विवाद के कारण फिलहाल चुनाव प्रक्रिया और बुलाई गई आमसभा को अनिश्चितकाल के लिए निरस्त कर दिया गया है।
लोकतंत्र का चीरहरण या प्रक्रियात्मक विवाद?
विवाद की मुख्य जड़ चुनाव अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) की नियुक्ति है। विरोध कर रहे वकीलों का आरोप है कि कार्यकारिणी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखते हुए मनमाने तरीके से चुनाव संपन्न कराने की कोशिश की। वकीलों का दावा है कि जगमोहन शर्मा को बहुमत से चुनाव अधिकारी चुना गया था, जिन्हें दरकिनार कर इंद्रजीत राजपूत को नियुक्त करना पूरी तरह से अवैध है। अधिवक्ताओं ने इसे ‘लोकतंत्र का चीरहरण’ करार देते हुए बैलेट बॉक्स और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की है।
कार्यकाल समाप्त होने पर उठे सवाल
विरोध कर रहे वकीलों ने वर्तमान कार्यकारिणी की वैधता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। वकीलों का तर्क है कि कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन महीने पहले ही समाप्त हो चुका है, ऐसे में उन्हें नई नियुक्तियां करने या चुनाव की प्रक्रिया तय करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। वे इसे ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ वाली स्थिति बता रहे हैं।
अध्यक्ष ने आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक खरे ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जगमोहन शर्मा के नाम पर कभी आम सहमति बनी ही नहीं थी। सचिव द्वारा बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई सकारात्मक रिस्पॉन्स न मिलने के कारण इंद्रजीत राजपूत को प्रोसिडिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया।
फिलहाल थमी चुनावी सरगर्मी
शुक्रवार को आमसभा के दौरान हुए भारी हंगामे और आपसी खींचतान ने प्रशासनिक स्थिति को मुश्किल बना दिया। अंततः प्रशासन और वरिष्ठ वकीलों के हस्तक्षेप के बीच बैठक को निरस्त करना पड़ा। अब बड़ा सवाल यह है कि भोपाल बार एसोसिएशन के चुनाव कब और किस प्रकार संपन्न होंगे, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच की खाई अब और चौड़ी हो गई है।







