
रेलवे स्टेशन पर 167 बच्चों को उतारने का मामला गरमाया
कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, कई नेता रहे मौजूद
कटनी, यशभारत। रेलवे स्टेशन पर 11 अप्रैल को हुई घटना को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। अमित शुक्ला, जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष, ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर मामला बताया। उनके अनुसार पटना–पुणे एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे करीब 167 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी के संदेह में बिना ठोस प्रमाण के उतार लिया गया, जबकि वे अपने परिजनों की सहमति से लातूर में शिक्षा प्राप्त करने जा रहे थे।
अमित शुक्ला ने आरोप लगाया कि बिना समुचित जांच और कानूनी प्रक्रिया के यह कार्रवाई बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कई दिनों से परिजनों से दूर रखा गया है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। साथ ही, पर्याप्त भोजन और देखभाल नहीं मिलने के भी आरोप लगाए गए।
जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि बच्चों को शीघ्र उनके परिजनों को सौंपा जाए, उचित भोजन, स्वास्थ्य और रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और न्यायालय का सहारा लिया जाएगा।
- गौरतलब है कल पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल से भी एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले मुलाकात कर सिलसिले बार घटना की जानकारी दी थी जिसके बाद पूर्व मंत्री ने इस सबंध में भोपाल पुलिस मुख्यालय में बातचीत कर मानवीय आधार पर त्वरित कार्यवाही करने का आग्रह किया था।

इस दौरान उपस्थित प्रमुख कांग्रेसजन:
मारूफ अहमद हनीफ (वरिष्ठ कांग्रेस नेता), हाजी गुलाम जाफर (उपाध्यक्ष), मंगल सिंह (सेवादल अध्यक्ष), आफताब अहमद ‘चोखे’ भाईजान (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष), श्याम यादव, रणजीत सिंह, अर्जुन सिंह, इमरान खान, विंदेश्वरी पटेल, रमाकांत दीक्षित, जाकिर हुसैन, लिप्पू भाईजान, डॉ. खान, राघव सोनी, हर्षित मिश्रा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।







