लाल परेड ग्राउंड पर मॉक ड्रिल के दौरान कमांडो की मौत

लाल परेड ग्राउंड पर मॉक ड्रिल के दौरान कमांडो की मौत
भोपाल,यश भारत। राजधानी का लाल परेड ग्राउंड सोमवार को उस वक्त गमगीन हो गया, जब देश की सबसे सुरक्षित फोर्स एनएसजी के साथ मॉक ड्रिल कर रहे एसटीएफ के एक युवा और फिट कमांडो ने दम तोड़ दिया। 35 वर्षीय जांबाज जवान रावेंद्र भदौरिया (सोनू) की मौत की वजह ‘हार्ट अटैक’ मानी जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिस जांबाज ने कठिनतम कमांडो ट्रेनिंग पार की थी, उसे मौत ने बेहद खामोशी से अपना शिकार बना लिया।
कर्तव्य की वेदी पर थमी सांसें
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह लाल परेड ग्राउंड में मॉक ड्रिल का तीसरा दिन था। कमांडो रावेंद्र सुबह 7 बजे पूरे जोश के साथ ग्राउंड पहुंचे थे। 8 बजे से युद्ध स्तर का अभ्यास शुरू हुआ, जिसमें रावेंद्र अग्रिम पंक्ति में शामिल थे। लेकिन सुबह 9 बजे के करीब नियति ने करवट बदली। ड्रिल के दौरान अचानक सीने में बेचैनी महसूस होने पर वे बिना किसी को परेशान किए बैरक में आराम करने चले गए। जब 10 बजे साथी जवान उन्हें बुलाने पहुंचे, तो रावेंद्र अचेत पड़े थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
उदयपुरा का लाल, जिसने 2011 में शुरू किया था सफर
रायसेन जिले के उदयपुरा के रहने वाले रावेंद्र भदौरिया 2011 में पुलिस बल का हिस्सा बने थे। उनकी फुर्ती और जज्बे के कारण 2013 में उन्हें एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) जैसी महत्वपूर्ण यूनिट में जगह मिली। वर्तमान में वे भोपाल की नेहरू नगर पुलिस लाइन में रह रहे थे।
फिटनेस और फौलादी इरादों पर भारी पड़ा अटैक
एक कमांडो जो रोजाना घंटों कठिन शारीरिक अभ्यास करता है, उसे दिल का दौरा पड़ना चिकित्सा जगत और पुलिस विभाग दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्राउंड पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि रावेंद्र बेहद अनुशासित और ऊर्जावान जवान थे। उनके आकस्मिक निधन से मध्य प्रदेश पुलिस ने एक चमकता हुआ सितारा खो दिया है। जवान का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा।







